सोमवार, 03 अक्टूबर 2022
खेत-खलिहान

किसान 25 और 26 अगस्त को मंत्रियों के घरों के बाहर करेंगे ‘किसान पंचायत’!



25 और 26 अगस्त को देह शामलात व जुमला मालकन भूमि किसानों से छीनने के आदेश को वापस करवाने के लिए मंत्रियों के घरों के बाहर किसान पंचायत बिठाई जाएगी और इस पंचायत की सारी व्यवस्था व खाने पीने का सारा इंतजाम मंत्रियों के जिम्मे होगा.

किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी की प्रदेश स्तरीय बैठक में देह शामलात और जुमला मालकाल भूमि के इंतकाल तोड़ने के आदेश के खिलाफ चल रहे आंदोलन को तेजी देने के लिए किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने रणनीति बनाई. बैठक में फैसला लिया गया कि 25 और 26 अगस्त को देह शामलात व जुमला मालकन भूमि किसानों से छीनने के आदेश को वापस करवाने के लिए मंत्रियों के घरों के बाहर किसान पंचायत बिठाई जाएगी और इस पंचायत की सारी व्यवस्था व खाने पीने का सारा इंतजाम मंत्रियों के जिम्मे होगा.

मंत्रियों की तरफ से किसान पंचायत की सारी व्यवस्था और खाने पीने का इंतजाम न होने पर किसान सत्यग्रह व भूख हड़ताल करेंगे. इससे पहले देह शामलात व जुमला मालकन भूमि किसानों से छीनने के आदेश के खिलाफ किसानों ने 16 अगस्त को प्रदेश के तमाम विधायकों को ज्ञापन सौंपा था किसानों ने विधायकों को 25 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया था की सरकार 25 अगस्त तक विधानसभा का स्पेशल सत्र बुलाकर उनकी मांगें पूरा करे अन्यथा किसान मंत्रियों के घरों के बाहर डेरा डाल लेंगे और पंचायत करेंगे.

भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा, “मुख्यमंत्री ने विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान कहा है कि किसानों की जमीन के इंतकाल बदले जाएंगे और मलकियत नहीं बदली जाएगी, लेकिन अगर इंतकाल बदल जाता है तो किसान न तो जमीन को बेच सकता है न ही रहन कर सकता है और न ही बच्चों के नाम ट्रांसफर कर सकता है. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने बुर्दी बरामदगी की जमीन को लेकर भी किसानों को गुमराह किया है। बुर्दी बरामदगी की जमीन पहले शामलात से बाहर रहती थी, किंतु 2020 में सरकार ने एक्ट में संशोधन कर इस छूट को हटा लिया था और बुर्दी बरामदगी को जमीन को शामलात देह में दर्ज कर दिया था.”