समाज
घुमंतू जनजातियों की ‘भांतू भाषा’ को बचाने के प्रयास में शुरू हुआ ‘नोमेड टाइम्स’!
"नोमेड टाइम्स के जरिए घुमंतू जनजातियों से जुड़ी कहानियों, गीत-संगीत, नाटक, कला और समयसामयिक घटनाओं को कवर किया जाएगा"
Sun, Sep 19, 2021गुरुग्राम की ‘बंजारा मार्केट’ को हटाने पर अड़ी सरकार, हजारों घुमंतू परिवारों के रोजगार पर लटकी तलवार!
"केवल यहां की बात नहीं है, हमें कहीं भी रहने नहीं दिया जाता है. हम जहां भी जाते हैं वहीं से सरकार के लोग हटाने आ जाते हैं. पीढ़ियों से हमारे पूर्वज भी ऐसे ही भटकने पर मजबूर रहे हैं."
Wed, Sep 15, 2021समाज के वंचित वर्गों के बच्चों के लिए बहुत कठिन है ऑनलाइन शिक्षा का रास्ता!
महामारी से प्रेरित स्कूलों के बंद रहने से शिक्षा के अधिकार और समाज के हाशिए पर रहने वाले स्कूली बच्चों के सीखने के स्तर पर भारी असर पड़ा है.
Tue, Sep 14, 2021विलुप्त होने की कगार पर विमुक्त-घुमंतू जनजातियों की ‘भांतू’ भाषा!
विमुक्त जनजातियों की अपनी 'भांतू' भाषा विलुप्त होने की कगार पर है. डिनोटिफाइड ट्राइब्स में आने वाली छारा, कंजर, सांसी और अन्य जनजातियां इस भाषा का प्रयोग करती हैं.
Mon, Sep 13, 2021विमुक्त-घुमंतू जनजातियों का आजादी दिवस और अखबारों का सन्नाटा!
अंग्रेजी के एक भी अखबार में डिनोटिफाइड ट्राइब्स के आजादी दिवस समारोह को लेकर कोई खबर नहीं है. अंग्रेजी के जिन अखबारों को हमारी टीम ने टटोला उनमें द हिंदू, द इंडियन एक्सप्रेस, द टाइम्स ऑफ इंडिया, द पायनियर, हिंदुस्तान टाइम्स अखबार शामिल रहे. वहीं हिंदी के अखबारों का भी यही हाल रहा.
Wed, Sep 1, 2021भारत के इन करोड़ों लोगों के लिए 31 अगस्त है आजादी का दिन!
करीबन 82 साल तक अंग्रेजी हुकूमत ने क्रिमिनल ट्राइब एक्ट लगाकर इन जनजातियों की कमर तोड़ी इसके बाद आजाद भारत में 5 साल 16 दिनों तक गुलामी की बेड़ियों में जकड़े रहे. इन जनजातियों को 31 अगस्त 1952 को विमुक्त किया गया. तब से लेकर आज तक ये जनजातियां इस दिन को ‘विमुक्ति दिवस’ के तौर पर मनाती हैं.
Tue, Aug 31, 2021Top Videos

टमाटर बिक रहा कौड़ियों के दाम, किसानों को 2-5 रुपये का रेट!

किसानों ने 27 राज्यों में निकाला ट्रैक्टर मार्च, अपनी लंबित माँगों के लिए ग़ुस्से में दिखे किसान
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Gig Economy के चंगुल में फंसे Gig Workers के हालात क्या बयां करते हैं?






