किसानों ने की सरकारी दरों पर डीएपी खाद उपलब्ध कराने की मांग!

अमृतसर जिले के किसानों ने डीएपी खाद की किल्लत और बढ़े हुए दामों को लेकर सरकारी दरों पर डीएपी की मांग की है. किसानों का कहना है कि बाजार में खाद सरकारी दरों से महंगी मिल रही है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है. जम्हूरी किसान सभा ने खेती बाड़ी अधिकारी के सामने शिकायत रखीं. किसानों ने बताया कि कई सहकारी समितियां ठीक से काम नहीं कर रहीं, जिसके कारण उन्हें निजी डीलरों से खाद खरीदनी पड़ रही है.

किसानों के अनुसार निजी डीलर डीएपी 1,600 से 1,700 रुपये प्रति बोरी और यूरिया 400 रुपये प्रति बोरी तक में बेच रहे हैं, जबकि सरकार द्वारा निर्धारित दर डीएपी के लिए 1,350 रुपये प्रति बोरी है. किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि डीलर खाद के साथ अनचाही वस्तुएं जबरन टैग कर बेच रहे हैं. किसान संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि खाद केवल सरकारी तय दरों पर ही उपलब्ध कराई जाए. टैगिंग जैसी अवैध प्रथाओं को रोका जाए. पराली प्रबंधन के लिए किसानों को मशीन मुहैया कराई जाए और पराली जलाने के मामलों में दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं.

वहीं खेती बाड़ी अधिकारी ने किसानों को आश्वासन दिया कि जल्द ही डीएपी की आपूर्ति किसानों तक पहुँचा दी जाएगी. उन्होंने कहा कि जो भी डीलर सरकारी दरों से अधिक मूल्य पर खाद बेचते पाए गए, उनके लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे.

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