हिमाचल के किसानों को अदानी का झटका, कंपनी ने घटाए सेब के दाम!

 

एक ओर दिल्ली की सीमाओं पर किसान पिछले नौ महीने से तीन नये कृषि कानूनों और कॉर्पोरेट की मनमानी के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर हिमाचल में किसानों के साथ कॉर्पोरेट कंपनी की मनमर्जी जारी है. हिमाचल में प्राइवेट कंपनियां बागवानी किसानों की फसल के मनमाफिक दाम तय कर रही हैं. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल में अदानी एग्री फ्रेश कंपनी ने सेब खरीद मूल्य सार्वजिनक किया है. किसानों के अनुसार अदानी कंपनी ने सेब के दाम बहुत कम तय किए हैं. कंपनी ने 80 से 100 फीसदी रंग वाले सबसे बड़े आकार के सेब का दाम 52 रुपये प्रति किलो जबकि बड़े, मीडियम और छोटे आकार के सेब का दाम 72 रुपये प्रति किलो तय किया है.  

सेब खरीदने वाली अदानी एग्री फ्रेश कंपनी ने सेब किसानों को झटका दिया है. कंपनी ने जो दाम तय किए हैं, उन्हें सुनकर बागवानों में निराशा है. पिछले साल की तुलना में इस बार प्रतिकिलो के हिसाब से 16 रुपये कम दाम तय किए हैं.

26 अगस्त से सेब की खरीद शुरू करने से पहले कंपनी ने सेब खरीद मूल्य सार्वजनिक किये हैं. कपनी अस्सी से 100 फीसदी रंग वाला एक्स्ट्रा लार्ज सेब 52 रुपये प्रति किलो जबकि लार्ज, मीडियम और स्मॉल सेब 72 रुपये प्रति किलो की दर पर खरीदेगी. 

वहीं पिछले साल सबसे बड़े आकार का सेब 68 रुपये जबकि मीडियम और छोटे आकार का सेब 88 रुपये प्रति किलो बिका था. कंपनी ने इस सीजन में 60 से 80 फीसदी रंग वाला सबसे बड़े आकार के सेब की कीमत 37 रुपये किलो जबकि मीडियम और छोटे आकार के सेब की कीमत 57 रुपये प्रति किलो तय की है. वहीं 60 फीसदी से कम रंग वाले सेब की खरीद 15 रुपये प्रति किलो की कीमत पर होगी जबकि पिछले साल ऐसा सेब 20 रुपये किलो खरीदा गया था.

अदानी कंपनी के सेब बेचने के लिए किसानों को सेब क्रेटों में भरकर अदानी के कलेक्शन सेंटर तक लाना होता है. कंपनी ने 26 से 29 अगस्त तक के लिए दाम तय किए हैं. 29 अगस्त के बाद फिर से सेब के दाम में बदलाव किया जाएगा. अदानी एग्री फ्रेश के टर्मिनल मैनेजर पंकज मिश्रा ने अखबार को बताया, “मंडियों के मुकाबले अदानी ने अच्छे रेट खोले हैं. मार्केट का फीडबैक लेने के बाद ही रेट तय किए गए हैं. 29 अगस्त के बाद मार्केट की स्थिति के अनुसार भी रेट में बदलाव किया जाएगा.”