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नागरिकों का सैन्यकरण या सेना का नागरिकीकरण?
Mon, Jun 20, 2022कहीं भस्मासुरी वरदान में न बदल जाए सोलर प्लांट
अर्थशास्त्री शायद इसे आर्थिक विकास मानेंगे पर समाजशास्त्रियों के लिए यह मंथन का विषय है. इस तत्काल प्राप्त सफलता से इलाके में नशा, हिंसा, महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है.
Wed, Jun 15, 2022गतिरोध की अवस्था की ओर बढ़ रही है भारतीय अर्थव्यवस्था
नवउदारवादी निजाम में भारतीय अर्थव्यवस्था का सरल पुनरुत्पादन की ओर खिसकने की प्रवृत्ति प्रदर्शित करना, इसी तथ्य की ओर इशारा करता है कि नवउदारवाद, अंधी गली में पहुंच गया है और यह भारत के लिए ही नहीं पूरी दुनिया के लिए ही सच है.
Tue, Jun 14, 2022पानीपत: नहर किनारे रह रहे घुमंतू परिवारों पर जान का खतरा!
अपने एक जवान बेटे के साथ झोपड़ी में बैठीं रत्नी देवी ने बताया, “रोजगार खत्म हो चुका है. शनि मंदिर के बाहर मांगकर खाने को मजबूर हैं. सरकार को सोचना चाहिये हम भी इसी देश के वासी हैं. हमें भी प्लॉट मिलना चाहिये. हमें बना बनाया घर नहीं चाहिये हमें बस खाली प्लॉट दे दिया जाए मकान हम अपनी मेहनत से बना लेंगे.”
Sat, Jun 11, 2022सरकार की किसानों से जालसाज़ी, खरीफ फसलों पर तय एमएसपी लागत से बहुत कम
एक तरफ सरकार यह दावा कर रही है कि उन्होंने किसानों की फसल में लागत से ज्यादा एमएसपी तय किया है, तो वहीं दुसरी ओर रिज़र्व बैंक ने साल 2022-23 तक महंगाई दर 6.7 फीसदी होने का अनुमान लगाया है. इसका अर्थ यह है कि खेती में इस्तेमाल ईंधन, मशीनरी, उर्वरक, कीटनाशक इत्यादि की लागत लगातार बढ़ रही है. इस तरह एमएसपी में हुई वृद्धि महंगाई दर से कम है.
Sat, Jun 11, 2022अनेक आयोग और समितियों के बाद भी ज्यों-की-त्यों है विमुक्त-घुमंतू जनजातियों की दशा !
रैनके कमीशन ने घुमंतू जनजातियों को अलग से 10 फीसदी आरक्षण देने की सिफारिश की है. साथ ही शैक्षणिक उत्थान के लिए घुमंतू जनजातियों के बच्चों के लिए बॉर्डिंग स्कूल खोलने, विमुक्त घुमंतू परिवारों को जमीन देकर घर बनवाने और दस्तावेज बनाने की सिफारिश की है.
Thu, Jun 9, 2022Top Videos

टमाटर बिक रहा कौड़ियों के दाम, किसानों को 2-5 रुपये का रेट!

किसानों ने 27 राज्यों में निकाला ट्रैक्टर मार्च, अपनी लंबित माँगों के लिए ग़ुस्से में दिखे किसान

उत्तर प्रदेश के नोएडा के किसानों को शहरीकरण और विकास क्यों चुभ रहा है

Gig Economy के चंगुल में फंसे Gig Workers के हालात क्या बयां करते हैं?
