सोमवार, 03 अक्टूबर 2022
गांव-देहात

हरियाणा: लंपी वायरस के कहर के बीच दवा का स्टॉक हुआ खत्म!



सबसे चौंकाने वाली बात है कि भिवानी, चरखी दादरी और पंचकूला को छोड़कर बाकी 19 जिलों में दवा का स्टॉक खत्म हो चुका है. विभाग के पास लंपी वायरस से निपटने के लिए दवा तक नहीं है.

प्रदेश के अंदर लंपी वायरस तेजी से दस्तक दे रहा है. लंपी वायरस के कारण सैंकड़ों पशु बीमारी की चपेट में आने से मर चुके हैं. लंपी वायरस को लेकर मीडिया में हुई किरकरी के बाद सरकार जागी है. वायरस की रोकथाम को लेकर प्रदेश का पशुपालन विभाग खस्ता हालत में चल रहा है. सरकार पर दबाव के बाद प्रदेश में टीकाकरण को गंभीरता से लिया गया और 2 दिन में लगभग ढाई लाख पशुओं का टीकाकरण किया गया. वहीं सबसे चौंकाने वाली बात है कि भिवानी, चरखी दादरी और पंचकूला को छोड़कर बाकी 19 जिलों में दवा का स्टॉक खत्म हो चुका है. विभाग के पास लंपी वायरस से निपटने के लिए दवा तक नहीं है.

वही हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड के निदेशक डॉ किशन बागोरिया का कहना है, “प्रदेश में दवा की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी पहले ही करीब एक करोड़ की दवा का आर्डर दिया जा चुका है. सोमवार तक हरियाणा को 12.50 लाख खुराक और मिल जाएगी. जिसके बाद इसे जिले दर जिले में वितरित कर दिया जाएगा.”

तेजी से फैल रहा लंपी वायरस

हरियाणा के साथ-साथ उत्तराखंड, राजस्थान, पंजाब और अन्य पड़ोसी राज्यों में भी लंपी वायरस का कहर जारी है. लगभग 3 हजार से ज्यादा गांव इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं. गोवंश के साथ-साथ भैसों में भी इसका संक्रमण प्रवेश कर चुका है.

प्रदेश में लंपी वायरस से करीबन सैकड़ों पशु मर चुके हैं. वहीं दूसरे राज्यों में लंपी वायरस से मरने वाले पशुओं का आंकड़ा हजारों में है और संक्रमित पशुओं की संख्या लाखों में है. लंपी वायरस के कहर के बीच पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. इसके साथ ही पशुपालकों को बीमा योजना का लाभ नहीं मिल रहा है जिसकी वजह से पशुपालकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो चुका है.