सीएम के HSVP विभाग के अधिकारियों ने भू-माफिया के साथ मिलकर किया 450 करोड़ का जमीन घोटाला!

 

भूमि अधिग्रहण कार्यालय से जुड़े अधिकारियों, तहसीलदार और HSVP (हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण) के अधिकारियों नेभू-माफियाओं के साथ मिलकर कथित तौर पर एचएसवीपी की अधिग्रहित जमीन को बेचने का मामला सामने आया है. बता दें कि सीएम मनोहर लाल खुद HSVP (हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण) के चेयरमैन हैं और इसी विभाग के अधिकारियों ने पटवारी, कानूनगो और भू-माफिया के साथ मिलकर 450 करोड़ रुपये के जमीन घोटाले का अंजाम दे दिया. मामले की जांच को मुख्य सतर्कता अधिकारी, एचएसवीपी, पंचकुला को भेजा गया है. पूर्व जिला परिषद सदस्य जोगेंद्र स्वामी ने सेक्टर 6 में एचएसवीपी की अधिग्रहीत जमीन को निजी व्यक्तियों को बेचने के घोटाले के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी.

शिकायत के अनुसार खसरा नंबर 720 में कुल 7 बीघा- 19 बिस्वा जमीन थी, जिसे एचएसवीपी ने सेक्टर विकसित करने के लिए अधिग्रहित किया था. लेकिन कागजी तौर पर 19 बिस्वा में से केवल 12 बिस्वा जमीन बची है लेकिन, भू-माफिया ने तहसीलदार कार्यालय के अधिकारियों, पटवारी, कानूनगो और एचएसवीपी अधिकारियों की मिलीभगत से एचएसवीपी की जमीन बेच दी और कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार करके हजारों वर्ग फुट जमीन का म्यूटेशन भी करा लिया.

यह करीबन 450 करोड़ रुपये से ज्यादा का जमीन घोटाला है. उन्होंने आगे आरोप लगाया कि एचएसवीपी की अधिग्रहित जमीन में से कुल 7,350 वर्ग फुट जमीन एनएच-44 पर सेक्टर 6 की ग्रीन बेल्ट के लिए रिजर्व थी लेकिन, भू-माफियाओं ने एलएओ, तहसीलदार और दूसरे अधिकारियों की मिलीभगत से एचएसवीपी की लगभग 4000 वर्ग फीट जमीन को फर्जी दस्तावेज बनाकर बेच दिया और सरकार द्वारा अधिग्रहीत जमीन का विक्रय पत्र और म्यूटेशन भी पंजीकृत कर लिया.
शिकायत के बाद एचएसवीपी के ईओ विजय राठी ने एक टीम गठित कर मामले की जांच कराई.

एचएसवीपी के ईओ विजय सिंह राठी ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि सेक्टर 6, एचएसवीपी की अधिग्रहित जमीन की खरीद-फरोख्त की गई, जो पूरी तरह से अवैध है. उन्होंने कहा कि मामले में आगे की कार्रवाई के लिए एचएसवीपी के मुख्य प्रशासक को एक विस्तृत रिपोर्ट भेज दी गई है. ईओ ने कहा कि मामले की विजिलेंस जांच भी करा दी गई है.