मंगलवार, 07 फ़रवरी 2023
खेत-खलिहान

लखीमपुर में मंत्री के बेटे पर किसानों को गाड़ी से रौंदने का आरोप, हिंसा में 8 लोगों की मौत, कई घायल!



लखीमपुर खीरी में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मोर्या का विरोध करने आए किसानों पर गाड़ी चढ़ाने का आरोप

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को काले झंडे दिखाने के लिए जुटे किसानों पर गाड़ी चढ़ाने और हिंसक टकराव में छह लोगों की मौत की खबर है। दो किसानों की मौत गाड़ी से कुचलने से हुई है जबकि गाड़ी पलटने से 6 लोगों के मरने की बात कही जा रही है। प्रदर्शनकरी किसानों ने उन पर गोली चलाने जाने के आरोप भी मंत्री समर्थकों पर लगाए हैं।

आज उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या के कार्यक्रम का विरोध करने के लिए लखीमपुर के आस-पास के किसान तिकुनिया में कार्यक्रम स्थल के पास पहुंचे थे. किसान पिछले दिनों केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा ‘टेनी’ के एक बयान से नाराज थे। इसलिए आंदोलनकारी किसानों ने उप-मुख्यमंत्री का हेलिकॉप्टर नहीं उतरने दिया. इसके बाद डिप्टी सीएम सड़क मार्ग से लखीमपुर पहुंचे।

डिप्टी सीएम केन्द्रीय मंत्री अजय मिश्रा ‘टेनी’ के गांव पहुंचने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही सड़क किनारे खड़े किसानों पर गाड़ी चढ़ाने की घटना हुई और मामले ने हिंसक रूप ले लिया। कहा जा रहा है कि आक्रोशित किसानों ने हमलावरों की गाड़ी में आग लगा दी. संयुक्त किसान मोर्चा के दावा है कि किसानों पर हमला तब हुआ जब किसान विरोध स्थल से लौट रहे थे।

पूरे घटनाक्रम में कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई और कई किसान गंभीर रूप से घायल हैं. संयुक्त किसान मोर्चा ने लखीमपुर में 4 किसानों की मौत का दावा किया है। किसान नेता तेजिंदर सिंह विर्क की हालत गंभीर बतायी जा रही है। घटना के बारे में प्रशासन की तरफ से विस्तृत जानकारी का इंतजार है।

किसानों पर गाड़ी चढ़ाने का आरोप लखीमपुर खीरी के सांसद के बेटे पर लग रहा है. संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से जारी बयान के अनुसार, “केंद्रीय गृह राज्य मंत्री का काफ़िला, कथित तौर पर उनके बेटे, चाचा और अन्य गुंडों ने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में विरोध कर रहे किसानों को कुचल दिया. इस घटना में कम से कम तीन किसान शहीद हो गए, और लगभग दस अन्य घायल हो गए. एसकेएम मांग करता है कि गृह राज्य मंत्री और उसके लोगों पर तुरंत हत्या के मामले दर्ज किए जाएं और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री को तुरंत बर्खास्त किया जाए.”

इस घटना पर किसान नेता राकेश टिकेट ने ट्वीट करते हुए कहा, “प्रदर्शन स्थल से लौटते हुए लोगों पर गाड़ियों से हमला किया गया. जिसमें कईं किसानों की मौत की भी जानकारी आ रही है. मैं आज ही लखीमपुर जा रहा हूं” राकेश टिकैत का कहना है कि लखीमपुर खीरी में हुई घटना बहुत ही दुखद है। ‌इस घटना ने सरकार के क्रूर और अलोकतांत्रिक चेहरे को एक बार फिर उजागर कर दिया है। उन्होंने किसानों से शांति बनाएं रखने की अपील की है।

घटना पर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधा. अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा, “कृषि कानूनों का शांतिपूर्ण विरोध कर रहे किसानों को भाजपा सरकार के गृह राज्यमंत्री के पुत्र द्वारा, गाड़ी से रौंदना घोर अमानवीय और क्रूर कृत्य है. उप्र दंभी भाजपाइयों का ज़ुल्म अब और नहीं सहेगा. यही हाल रहा तो उप्र में भाजपाई न गाड़ी से चल पाएंगे, न उतर पाएंगे.” राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी भी कल लखीमपुर पहुंच रहे हैं। विपक्ष के लगभग सभी बड़े नेताओं ने इस घटना की निंदा की है।