शनिवार, 04 फ़रवरी 2023
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जनता की जेब पर सरकार का डाका, आटा-चावल समेत डेयरी प्रोडक्ट्स पर होगी 5% टैक्स की वसूली!



दरअसल ये जरुरी खाद्य पदार्थ पहले जीएसटी के दायरे से बाहर थे लेकिन सरकार ने अब इन जरूरी चीजों पर भी पांच फीसदी जीएसटी (माल एवं सेवा कर) लगा दिया है जिसका सीधा असर जनता की जेब पर पड़ेगा.    

आज से जीएसटी की नई दरें लागू हो गई हैं. पिछले महीने चंडीगढ़ में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में जीएसटी दरें बढ़ाने का फैसला लिया गया था जिसके चलते हर रोज प्रयोग में आने वाले खाद्य पदार्थ मंहगे हो गए हैं. खाद्य पदार्थों की बढ़ी हुई कीमतें आज से लागू हो गई हैं. मंहगे होने वाले पदार्थों में दही, लस्सी, पनीर, आटा और चावल समेत कईं जरुरत की चीजें शामिल हैं.

दरअसल ये जरुरी खाद्य पदार्थ पहले जीएसटी के दायरे से बाहर थे लेकिन सरकार ने अब इन जरूरी चीजों पर भी पांच फीसदी जीएसटी (माल एवं सेवा कर) लगा दिया है जिसका सीधा असर जनता की जेब पर पड़ेगा.     

GST काउंसिल की बैठक में दूध से बने सामान को पहली बार माल एवं सेवा कर के दायरे में शामिल किया गया था. टेट्रा पैक वाले दही, लस्सी और बटर मिल्क पर 5 फीसदी जीएसटी लगाने का फैसला किया गया है इतना ही नहीं अनब्रांडेड प्री-पैकेज्ड और प्री लेबल आटा और दाल पर भी 5% जीएसटी लगेगा.

प्रिंटिंग/राइटिंग या ड्रॉइंग इंक, एलईडी लाइट्स, एलईडी लैम्प पर 12 फीसद की जगह 18 फीसद जीएसटी देना होगा वहीं मैप, एटलस और ग्लोब पर 12 फीसद जीएसटी देना होगा.

ब्लेड, चाकू, पेंसिल शार्पनर, चम्मच, कांटे वाले चम्मच, स्किमर्स आदि पर जीएसटी 12% से बढ़ाकर 18% कर दिया गया है.   

साथ ही होटल में रुकना और अस्पताल में ईलाज करवाना भी मंहगा हो गया है. अस्पताल में 5 हजार रुपए प्रतिदिन से अधिक का रूम पर 5% की दर से जीएसटी देना होगा. उदाहरण के तौर पर 5500 रुपये के रूम के लिए अब 5775 रुपये देने होंगे वहीं आईसीयू, आईसीसीयू रूम पर छूट जारी रहेगी. वहीं अब तक एक हजार से कम के होटल रूम पर GST नहीं लगता था, लेकिन अब एक हजार से कम किराये वाले रूम में रुकने के लिए भी 12% की दर से GST देना होगा. 

GST कलेक्शन जून में बढ़कर 1.45 लाख करोड़ रुपए हो गया. GST कलेक्शन में पिछले साल की तुलना में ये 56% की बढ़ोतरी है वहीं मई के महीने में GST कलेक्शन 1.41 लाख करोड़ रुपए रहा.