सोमवार, 03 अक्टूबर 2022
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पंजाब: आंगनवाड़ी केंद्रों की खाद्य सुरक्षा में धांधली, गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़!



फिरोजपुर, गुरदासपुर, फतेहगढ़ साहिब, रोपड़ और एसबीएस नगर में सप्लीमेंट्री न्यूट्रिशन प्रोग्राम के फंड में करोड़ों रुपए की धांधली सामने आई है. गरीब बच्चों और महिलाओं को कम गुणवत्ता का पोषक आहार मिल रहा है.

पंजाब के 5 जिले फिरोजपुर, गुरदासपुर, फतेहगढ़ साहिब, रोपड़ और एसबीएस नगर में सप्लीमेंट्री न्यूट्रिशन प्रोग्राम के फंड में करोड़ों रुपए की धांधली सामने आई है. सामाजिक सुरक्षा और महिला एवं बाल विकास अधिकारियों द्वारा फंड को कथित तौर पर डाइवर्ट करने का मामला प्रकाश में आया है. जिसके चलते बच्चों में महिलाओं को हल्की गुणवत्ता वाले खाद्य कंटेनर से आहार दिया जा रहा था. मामले की जांच वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जारी है.

सामाजिक सुरक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देशक अरविंद पाल संधू ने कहा कि विभागीय मामले की जांच वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जा रही है. जल्द ही मामले में आरोपियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी. वहीं विभाग के प्रमुख सचिव कृपा शंकर सरोज ने कहा कि वह स्वयं इस मामले को देखेंगे. कंटेनर हल्की गुणवत्ता के थे और अधिक दरों पर खरीदे गए थे. 5 जिलो ने प्रति कंटेनर 100 किलोग्राम क्षमता वाले 30,085 कंटेनरों की खरीद पर 807.22 लाख रुपए खर्च किए. हालांकि विभिन्न जिलों में कंटेनरों की दरें अलग अलग थी.

जानें क्या है मामला

सप्लीमेंट्री न्यूट्रिशन प्रोग्राम भारत सरकार द्वारा बच्चों व महिलाओं की स्थिति में सुधार लाने का एक जरिया है. जिसमें 2009 में महत्वपूर्ण परिवर्तन भी किए गए थे. एसएनपी का उद्देश्य 6 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को उनके स्वास्थ्य और पोषण की स्थिति में सुधार के लिए आहार उपलब्ध करवाना है. लेकिन पंजाब के 5 जिलों में साल 2014 से 2017 तक एक विशेष ऑडिट में सीएजी ने खुलासा किया है कि करोड़ों रुपए की धनराशि से हल्की गुणवत्ता वाले खाद्य कंटेनर महंगी दरों पर खरीदने के लिए फंड के साथ छेड़छाड़ की गई है. 5 जिलों में दिशा-निर्देशों के विपरीत एसएनपी निधि से कंटेनर खरीदे गए. वहीं 9 जिलों में कंटेनर खरीदे गए लेकिन केवल 5 जिलों का ही ऑडिट किया गया. क्योंकि इन 5 जिलों में किया गया खर्च सबसे ज्यादा था. वही ऑडिट में यह भी सामने आया कि 1 क्विंटल खाद्यान्न की भंडारण क्षमता के अपेक्षा कंटेनर कम भंडारण क्षमता के थे. इस मामले के सामने आने से गरीब बच्चों व गर्भवती महिलाओं के पोषक आहार और खाद्य सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है.