शनिवार, 04 फ़रवरी 2023
गांव-देहात

सीकर: जमीन खाली करवाने के नाम पर घुमंतू परिवारों पर हमला, एक महीने बाद भी नहीं हुई शिकायत दर्ज!



राजस्थान के सीकर में विमुक्त घुमंतू समूह की बनबावरी (बावरिया) जाति के परिवारों पर जमीन खाली करवाने के नाम पर जुल्म ढहाया जा रहा है. गांव के कुछ दबंगों ने बावरिया समाज के घरों में घुसकर तोड़फोड़ की और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की. पिछले कईं दशक से सीकर जिले की बातारामगढ़ तहसील के भीमा गांव में रह रहे डीएनटी परिवारों को गांव के लोगों द्वारा ही लंबे समय से परेशान किया जा रहा है.

पीड़ित परिवारों ने आरोप लगाया कि गांव का सरपंच अन्य लोगों के साथ मिलकर जमीन पर कब्जा करना चाहता है. जमीन खाली करवाने के लिए हम लोगों को डराया दमकाया जा रहा है और जमीन खाली करने का दबाव बनाया जा रहा है. 

पीड़ित परिवार ने बताया, “गांव के कुछ लोगों ने 6 जुलाई को रात करीबन 11 बजे हमारे घरों पर हमला कर दिया. हमले के दौरान एक बकरी को पीट-पीटकर मार दिया साथ ही महिलाओं के साथ भी मारपीट की.”

पीड़ित के परिवार की ओर से सीकर जिले के लोसल थाने में शिकायत दर्ज करने के लिए लिखी रिपोर्ट के अनुसार इस हमले के दौरान बावरिया डेरे की एक गर्भवती महिला को भी घसीटकर पीटा गया. जिसके बाद गर्भवती महिला की ब्लिंडिग शुरू हो गई और उसे सीकर के राजकीय श्री कल्याण अस्पताल में भर्ती करवाया गया.

विमुक्त घुमंतू समुदाय के इऩ परिवारों को कई सालों से जमीन खाली करने के लिए डराया-दमकाया जा रहा है लेकिन इस बार जमीन खाली न करने पर दबंगों ने घुमंतू परिवारों के घरों में घुसकर तोड़फोड़ की और महिलाओं के साथ भी मारपीट की घटना को अंजाम दिया. वहीं इस मामले में अब तक पुलिस द्वारा पीड़ित परिवारों की शिकायत तक दर्ज नहीं की है. पीड़ित परिवारों ने आरोपियों के साथ पुलिस की मिलीभगत होने का आरोप लगाया और कहा कि पुलिस की मिलीभगत के चलते शिकायत दर्ज नहीं की गई. 

55 साल वर्षीय पीड़ित शयोनाथ बावरिया ने फोन पर बात करते हुए गांव-सवेरा को बताया,”हम एक महीने से शिकायत दर्ज करवाने के लिए पुलिस थाने के चक्कर काटते रहे लेकिन कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई. पुलिस वाले उलटा हमें ही जेल में बंद करने की दमकी देते रहे. आखिर में एसपी के सामने पेश हुए एपपी साहब ने आश्वासन दिया है कि हमें न्याय दिलाया जाएगा”

पीड़ित परिवार द्वारा लिखी गई शिकायत की कॉपी

शयोनाथ बावरिया ने बताया, “इन लोगों ने गांव के लोगों को साथ मिलकर हमारा सामाजिक बहिष्कार कर दिया इस दौरान हमारे लोगों को आसपास की किसी दुकानों से राशन नहीं लेने दिया गया और न ही पानी तक भरने दिया गया.”

राजस्थान में घुमंतू समुदाय के लोगों पर होने वाला यह कोई पहला मामला नहीं है राजस्थान में आए दिन विमुक्त घुमंतू समाज प्रशासन और समाज की ज्यादतियों का शिकार होता आ रहा है. हाल ही में जयपुर में 1 जून को कालबेलिया समाज के लोगों की बस्ती में आग लगा दी गई थी आरोपियों की आज तक गिरफ्तारी नहीं हुई है.