बुधवार, 28 सितम्बर 2022
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पंजाब: ‘अग्निपथ भर्ती’ को सहयोग न मिलने के कारण सेना अधिकारी ने दी भर्ती रद्द करने की चेतावनी!



सेना अधिकारी की ओर से लिखे पत्र में स्थानीय प्रशासन का सहयोग नहीं मिलने की बात कहते हुए भर्ती रद्द करने की चेतावनी दी गई है.

जालंधर में सेना के जोनल भर्ती अधिकारी ने स्थानीय नागरिक प्रशासन का समर्थन नहीं मिलने का हवाला देते हुए पंजाब सरकार से कहा है कि राज्य में अग्निपथ योजना के तहत भर्ती रैलियों को या तो स्थगित किया जा सकता है या पड़ोसी राज्य में स्थानांतरित किया जा सकता है.

8 सितंबर को जालंधर के जोनल भर्ती अधिकारी मेजर जनरल शरद बिक्रम सिंह ने पंजाब के मुख्य सचिव को पत्र लिखते हुए कहा कि, “हम यह जानकारी आपके ध्यान लाना चाहते हैं कि हमें बिना किसी स्पष्टता के स्थानीय नागरिक प्रशासन का समर्थन नहीं मिल रहा है. स्थानीय प्रशासन आमतौर पर राज्य सरकार के निर्देश न होने और धन की कमी के कारण सहयोग न कर पाने की बत कह रहा है.”

अंग्रेजी अखबार ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में छपी रिपोर्ट के अनुसार पत्र में लिखा है कि, “कुछ जरूरी आवश्यकताएं हैं जिन्हें स्थानीय प्रशासन की ओर से भर्ती रैलियां आयोजित करने के लिए मुहैया किया जाना चाहिए. इनमें कानून-व्यवस्था के लिए पुलिस सहायता, सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, बैरिकेडिंग और उम्मीदवारों का सुगम प्रवेश सुनिश्चित करना शामिल हैं.”

सेना अधिकारी की ओर से लिखे पत्र में रैली के दौरान प्रशासन द्वारा चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भी कहा गया है. इसके अलावा जिस स्थान पर रैली आयोजित होनी है, वहां प्रशासन द्वारा 14 दिन के लिए 3-4 हजार उम्मीदवारों के लिए खाना, पानी, शौचालय आदि सुविधाओं का प्रबंधन किए जाने की भी मांग की गई है.

पत्र में चेतावनी दी गई है कि जब तक इन व्यवस्थाओं के लिए स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं दिखाई जाती है, वे राज्य में भविष्य में होने वाली सभी भर्ती रैलियों और प्रक्रियाओं पर स्थगन के लिए सेना मुख्यालय के समक्ष मामला उठाएंगे या वैकल्पिक तौर पर पड़ोसी राज्यों में रैलियां आयोजित करेंगे.

वहीं इस मामले पर प्रमुख सचिव कुमार राहुल ने अंग्रेजी अखबार को बताया कि गुरदासपुर में कुछ समस्याएं सामने आई थीं, लेकिन उनमें कुछ भी गंभीर नहीं था. उन्होंने कहा, “मैंने जनरल से बात की है. उन्होंने मुझे गुरदासपुर की कुछ समस्याओं के बारे में बताया, लेकिन इनमें कुछ भी गंभीर नहीं है. सब कुछ ठीक है और रैलियों के सुचारू आयोजन के लिए सभी उपाय किए जा रहे हैं”