गुरुवार, 09 फ़रवरी 2023
खेत-खलिहान

हिमाचल में किसानों के साथ 3 करोड़ की ठगी, सेब खरीदकर गायब हुए दो व्यापारी!



“हमने पहले ही सरकार को चेताया था कि बाहर से आने वाले व्यापारियों का पंजीकरण होना चाहिए और आढ़तियों को इस पूरी प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए ताकि उनको भी हर एक व्यापारी की जानकारी रहे मगर सरकार ने हमारी बात नहीं मानी.”

शिमला की भट्टाकुफर और ठियोग की पराला मंडी से 2 व्यापारी लगभग 3 करोड़ का सेब खरीदने के बाद गायब हो गए हैं. दोनों व्यापारी बिहार और महाराष्ट्र के रहने वाले हैं और साल 2011 से इन मंडियों में सेब की खरीददारी करते आ रहे थे. प्रदेश सरकार सेब के किसानों के साथ ठगी रोकने के दावे करती है मगर इस तरह की घटनाएं सरकार के दावों की पोल खोल रही है.

ठगी के 20 दिन बाद भी इस मामले में अभी तक पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा है. पुलिस प्रशासन अब मामले की जांच एसआईटी को सौंपने की बात कह रहा है. ठियोग की पराला मंडी से लगभग 2 करोड़ की सेब खरीदकर गायब होने वाला व्यापारी बिहार के पूर्वी चंपारण का रहने वाला है.

आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष हरीश ठाकुर ने अपने फेसबुक अकाउंट पर यह जानकारी पोस्ट की है. आढ़तियों का कहना है कि यह व्यापारी 2011 से यहां सेब ख़रीदने आ रहा था. यहां से सेब खरीदने के बाद बिहार और नेपाल में भेजता था. जन्माष्टमी के दौरान त्यौहार का बहाना बनाकर व्यापारी मंडी से गया था और उसके बाद से ही उसका मोबाइल लगातार बंद आ रहा है. पूरे मामले को लेकर पराला मंडी के आढ़तियों ने छैला चौकी में शिकायत दर्ज़ करवाई है.

दूसरी ओर इसी तरह की एक और बड़ी ठगी का मामला भट्टाकुफर मंडी से भी सामने आया है जहां महाराष्ट्र का एक व्यापारी आधा दर्ज़न आढ़तियों से करीब एक करोड़ की कीमत के सेब लेने के बाद गायब है. इस मामले में भी अभी तक पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा है.

सेब मंडियों में पूरा कारोबार उधार पर चलता है. आढ़ती सेब के किसानों से फल खरीदकर व्यापरियों को मुहैया करवाते हैं और व्यापारी आगे सेब को देश-विदेश में भेजते हैं. व्यापारी आढ़ती को पैसा देता है, आढ़ती अपना कमीशन काटने के बाद सेब के किसान को पैसा देता है. व्यापारी के गायब हो जाने से सैकड़ों किसानों का पैसा डूब गया है, आढ़ती भी परेशान है.

आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष हरीश ठाकुर ने अमर उजाला अख़बार को दिए अपने बयान में कहा कि, “हमने पहले ही सरकार को चेताया था कि बाहर से आने वाले व्यापारियों का पंजीकरण होना चाहिए और आढ़तियों को इस पूरी प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए ताकि उनको भी हर एक व्यापारी की जानकारी रहे मगर सरकार ने हमारी बात नहीं मानी.”

प्रदेश की सेब मंडियों में इस तरह का ये पहला मामला नहीं है. इस से पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं. इसको लेकर हिमाचल प्रदेश आढ़ती संघ के अध्यक्ष नाहर सिंह चौधरी का कहना है, “सरकार को चाहिए कि वो इस विषय पर गंभीरता से विचार कर के ठगी करने वालों के खिलाफ़ सख्त कानून लेकर आए. कब तक प्रदेश में आढ़तियों के साथ इस तरह की ठगी होती रहेगी?”