जनता की आवाज़ में रैप का हैशटैग लगा इंटरनेट पर छाए दुले रॉकर

देश के सबसे पिछड़े जिलों में शुमार ओडिशा का कालाहांडी जिला आजकल बिल्कुल अलग वजहों से सुर्खियों में है। यहां के 27 वर्षीय दुलेश्वर टांडी रैप के जरिए सत्ता और व्यवस्था पर तीखे सवाल उठा रहे हैं। आम जनता से जुड़े गरीबी, गैर-बराबरी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दाें पर उनकी आवाज, अंदाज और अल्फाज सोशल मीडिया पर धूम मचाने लगे हैं। लॉकडाउन के हालात पर उनका रैप हैशटैग लॉकडाउन काफी पॉपुलर हुआ। उनके ज्यादातर गीत हैशटैग से शुरू होते हैं।

अपने आक्रोश को रैप के जरिए आवाज देने वाले दुलेश्वर कालाहांडी के बोरडा गांव के रहने वाले हैं। समाजशास्त्र में एमए और रसायन विज्ञान में बीएससी कर चुके डुलेश्वर प्रवासी मजदूर हैं। कई राज्यों में रिक्शा चलाने से लेकर अखबार बांटने, मजदूरी करने और बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने जैसे काम कर चुके हैं। गरीबी, बेरोजगारी और लाचारी को काफी करीब से देखा है। गरीब किसान-मजदूरों के लिए उनकी पीड़ा और सत्ता से सवाल पूछने की बेचैनी इन्हीं हालात से निकली है। यूट्यूब पर वे रैपर दुले रॉकर के नाम से मौजूद हैं और हिंदी, अंग्रेजी के अलावा स्थानीय कोशली या संबलपुरी भाषा में गाते हैं।

पिछले सप्ताह ग्रामीण भारत की रिपोर्टिंग पर केंद्रित पोर्टल https://ruralindiaonline.org/ ने डुले रॉकर पर एक स्टोरी की थी। इसके बाद से ही लोगों का ध्यान उनकी तरफ गया। टाइम्स ऑफ इंडिया समेत कई अखबार उनके बारे में लिख चुके हैं।

किसानों की दुर्दशा के बारे में दुले रॉकर का हैशटैग फार्मर पर सुनने लायक है। जिसके बोल हैं

हां तुम्हें आता बस लूटना
हां तुम्हें आता बस चुराना
हम लेंगे अपना हक छीनके
तुम खड़े-खड़े देखना
बंद करो फेंकना
बंद करो भौंकना
बड़े-बड़े वादे, झूठी-झूठी कसमें
जिसमें इतनी सी भी सच्चाई है नहीं
बस जुमला ही जुमला है
सिस्टम ये खोखला है

लॉकडाउन के दौरान पैदल लौटने को मजबूर प्रवासी मजदूरों की लाचारी को भी दुले रॉकर ने आवाज दी थी। उनका गाया सरकार जवाब दो गीत काफी सुना जा रहा है। बेहद जोशीले अंदाजा के अलावा कड़वी सच्चाईयों से रूबरू कराते उनके सवाल ध्यान खींचने वाले हैं।

रैपर दुले रॉकर की प्रतिभा से प्रभावित होकर बॉलीवुड के मशहूर संगीतकार और गायक विशाल ददलानी ने उन्हें संपर्क में रहने का कहा है। विशाल का कहना है कि इस अद्भुत कलाकार की हरसंभव मदद करेंगे।