हरियाणा: प्रोप्रटी सर्वे के नाम पर करोड़ों का घोटाला, RTI से हुआ खुलासा !

शहरी स्थानीय निकाय विभाग की रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा के 80 शहरों की प्रोपर्टी का आंकलन किया गया है. प्रोपर्टी का आंकलन करने के लिए जयपुर की एक याशी कंसल्टिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी को टेंडर दिया गया था. कंपनी को नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद को मिलाकर 80 छोटे, बड़े शहरों और कस्बों की प्रोपटी का आंकलन करना था. आरटीआई में खुलासा हुआ है कि इस काम के खर्च के लिए करीबन 18 करोड़ 11 लाख की ऱाशि अनुमानित की गई थी लेकिन सरकार की ओर से याशी नाम की सर्वे कंपनी को 44 करोड़ 50 लाख का भुगतान किया गया है.

वहीं इस कंपनी के काम करने के तरीके को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. टेंडर एग्रीमेंट में शर्त रखी गई थी कि अगर सर्वे में 20 फीसदी से ज्यादा गलतियां पाई जाती हैं तो टेंडर रद्द कर दिया जाएगा लेकिन 50 फीसदी से ज्यादा शिकायतें आने के बाद भी कंपनी का टेंडर रद्द नहीं किया गया और कंपनी को अऩुमानित राशि से दो गुना राशि का भुगतान किया जा चुका है. इस मामले को लेकर आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने खुलासा किया कि यह एक बड़ा घोटाला है जिसमें सरकारी पैसे का दुरुपयोग किया गया है साथ ही सर्वे में लोगों की संपत्तियों का गलत आंकलन किया गया है जिसकी वजह से लोग सरकारी दफ्तरों के धक्के खाने को मजबूर हैं.

पानीपत स्थित समालखा के रहने वाले आरटीआई एटिविस्ट पीपी कपूर के अनुसार सर्वे के दौरान जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है. पीपी कपूर ने संपत्ति का सर्वे करने वाली जयपुर की याशी कंसल्टिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के विषय में जानकारी मांगी है. कंपनी को 2019 में सर्वे की मंजूरी दी गई थी. लिखित समझौते के अनुसार, जांच की लागत 18.11 करोड़ रुपये थी.

23 अगस्त को एक आरटीआई के जवाब में शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय के जन सूचना अधिकारी और कार्यकारी अभियंता ने कहा कि सर्वे के लिए कंपनी को अप्रैल 2020 से जून 2022 तक 42.44 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है.  पीपी कपूर ने आरोप लगाए कि 95% सर्वे में गलतियां पाई गई हैं. जैसे संपत्ति मालिकों के नाम, संपत्ति क्षेत्र, संपत्ति के प्रकार और संपत्ति मालिकों के फोन इत्यादि गलत पाए गए हैं.