सोमवार, 03 अक्टूबर 2022
टॉप न्यूज़

रामदेव की कंपनी ‘पतंजलि’ का देसी घी सभी सैंपल में हुआ फेल, सेहत के लिए बताया गया हानिकारक!



लैब की रिपोर्ट के अनुसार पतंजलि के देसी घी में मिलावट पाई गई है. पतंजलि का देसी घी मानकों के अनुरूप नहीं है. पतंजलि के घी को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया गया.

रामदेव की हरिद्वार स्थित कंपनी पतंजलि एक बार फिर विवादों में है. पतंजलि कंपनी इस बार अपने गाय के देसी घी के उत्पादन को लेकर विवादों में है. दरअसल पतंजलि कंपनी का गाय का देसी घी खाद्य सरक्षा और औषधि विभाग की जांच में फेल पाया गया है. खाद्य सरक्षा और औषधि विभाग ने पतंजलि ब्रांड के गाय के घी का सैंपल उत्तराखंड के टिहरी की एक दुकान से लिया था और उस सैंपल को राज्य की प्रयोगशाला में भेजा गया था. घी के सैंपल के टेस्ट का परिणाम काफी चिंताजनक रहा साथ ही यह पतंजलि के उत्पाद प्रयोग करने वाले ग्राहकों के लिए भी चिंताजनक हो सकता है. सैंपल की रिपोर्ट के अनुसार पतंजलि के देसी घी में मिलावट पाई गई है और घी मानकों के अनुरूप नहीं है. पतंजलि के गाय के घी को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया गया है.

हिंदी अखबार जनसत्ता में छपि रिपोर्ट के अनुसार खाद्य सरक्षा और औषधि विभाग ने साल 2021 में उत्तराखंड के टिहरी की एक दुकान से सैंपल लिए जिसके जांच के लिए उत्तराखंड की प्रयोगशाला भेजा गया. राज्य की प्रयोगशाला के जांच नतीजों में ये साफ हो गया के घी में मिलावट की गई है और पतंजलि का घी सेहत के लिए हानिकारक है. वहीं सैंपल की जांच रिपोर्ट को पतंजलि ने मानने से इंकार कर दिया और पतंजलि ने राज्य की लैबोरेट्री की रिपोर्ट को गलत साबित किया.

केंद्रीय प्रयोगशाला में भी फेल हुआ पतंजलि के देसी घी का सैंपल.

खाद्य सरक्षा और औषधि विभाग ने घी का सैंपल एक बार फिर जांच के लिए केंद्र की प्रयोगशाला में भेजा और नतीजा वही निकला. पतंजलि का घी केंद्रीय प्रयोगशाला में भी फेल हो गया. यनि राज्य और केंद्र दोनों ही लैब में पतंजलि के घी का सैंपल फेल रहा.

बता दें कि इससे पहले भी पतंजलि के उत्पादों में गड़बड़ी के मामले सामने आते रहे हैं. इससे पहले पतंजलि के शहद को लेकर भी सवाल खड़े हुए थे और अब गाय के देसी घी के दो सैंपल फेल होना पतंजलि के उत्पादों पर सवाल खड़ा कर रहे हैं. पतंजलि कंपनी अपने देसी घी का विज्ञापन पहलवान सुशील कुमार से करवाती रही है. रामदेव की कंपनी पतंजलि अपने उत्पादों के प्रचार-प्रसार के लिए करोड़ों रुपये विज्ञापन पर खर्च करती है. जिसमें इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से लेकर प्रिंट मीडिया में विज्ञापन दिये जाते हैं.