शनिवार, 04 फ़रवरी 2023
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कृषि कानूनों के फायदे समझाने पहुंचे भाजपा के पूर्व सांसद का विरोध, काफिले पर पथराव



मथुरा जिले के एक गांव में किसान चौपाल करने जा रहे यूपी कोऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन तेजवीर सिंह का ग्रामीणों ने रास्ता रोक जमकर नारेबाजी की

कृषि कानूनों के फायदे समझाने में जुटे भाजपा नेताओं को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार को मथुरा जिले के पटलौनी (बलदेव) में एक किसान चौपाल में पहुंचे यूपी कोऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन और पूर्व सांसद तेजवीर सिंह को किसानों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने गांव से बाहर ही उनका रास्ता रोक लिया और जमकर विरोध किया। इस दौरान पूर्व सांसद के काफिले पर पथराव भी हुआ, जिसमें कई कार्यकतार् घायल हो गये हैं। कुछ दिनों पहले मथुरा के गोवर्धन विधानसभा क्षेत्र में भी भाजपा विधायक कारिंदा सिंह को किसानों की नाराजगी और विरोध का सामना करना पड़ा था।

मिली जानकारी के अनुसार, पूर्व सांसद तेजवीर सिंह गुरुवार को जब पटलौनी गांव की किसान चौपाल में शामिल होने जा रहे थे तो गांव के बाहर ही किसानों ने उनका रास्ता रोक लिया और जमकर नारेबाजी करने लगे। इन प्रदर्शनकारियों में महिलाएं भी शामिल थीं। जब तेजवीर सिंह ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया तो उनके खिलाफ वापस जाओ के नारे लगने लगे और धक्कामुक्की शुरू हो गई।

इस दौरान कुछ लोगों ने पथराव शुरू कर दिया, जिससे भगदड़ मच गई। कई ग्रामीणों ने पथराव कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन हालात पुलिस फोर्स के पहुंचने के बाद ही काबू में आये। माहौल भांपकर तेजवीर सिंह ने निर्धारित स्थल की ओर न जाकर गांव में दूसरे स्थान पर पहुंच चौपाल की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं लिये जाते वे, गांव में भाजपा नेताओं को नहीं घुसने देंगे।

पूर्व सांसद तेजवीर सिंह का कहना है कि प्रदर्शनकारियों में चार-छह लोग थे जो किसान यूनियन की टोपी पहने हुए थे, उनके हाथ में किसान यूनियन के झंडे थे। लेकिन ये लोग किसान यूनियन के नहीं हो सकते। किसान यूनियन के लोगों का आचरण ऐसा नहीं होता है। यह हमला पूरी प्लानिंग के तहत किया गया। तेजवीर सिंह का कहना है कि किसान आंदोलन की जिस रास्ते पर जा रहा है, वह देश के लिए घातक है। देश की जनता मोदी और योगी जी के कामों से पूरी तरह संतुष्ट है। सरकार ने किसानों के लिए कल्याणकारी योजनाएं चलाई हैं, जिनकी जानकारी किसानों तक पहुंचाने के प्रयास किये जा रहे हैं।