शुक्रवार, 27 जनवरी 2023
खेत-खलिहान

सही दाम न मिलने से परेशान किसान ने जोत दी भिंडी की खड़ी फसल



संदीप ने करीब ढ़ाई महीने पहले दो एकड़ में भिंडी की फसल लगाई थी, जिसमें अबतक 50 हजार रुपए की लागत आ चुकी है. संदीप ने फसल को जोतते हुए एक वीडियो भी फेसबुक पर डाला है जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. उनके इस कदम की वजह से फसलों व सब्जियों के वादा व्यापार व खुली खरीद नीति की वजह हो रही किसानों की लुट का पर्दोफाश होता है.

अपनी फसल के सही दाम न मिलने की वजह से परेशान हरियाणा के करनाल जिले के बल्ला गांव के किसान सन्दीप सिंघरोहा ने अपनी भिंडी की खड़ी फसल को ट्रैक्टर जोत दिया. वह अपनी फसल की सही कीमत न मिलने की वजह से कई दिनों से परेशान चल रहे थे. इसी परेशानी के कारण उन्होंने यह कदम उठाने की ठानी. करनाल जिले के किसान मंडियों में सब्जियों के सही भाव न मिलने के कारण कई दिनों से परेशान चल रहे हैं.

फसल जोतने वाले किसान संदीप ने हमें बताया, “मैं कई दिनों से मंडियों के चक्कर काट रहा हूं. कभी दिल्ली तो कभी आसपास की हर मंडी में भिंडी लेकर जा चुका हूं, लेकिन कहीं भी मुझे 3-4 रुपए प्रति किलो से ज्यादा का भाव अपनी फसल के लिए नहीं मिला है. जबकि भिंडी की तुड़ाई और लागत ही 12 से 15 रुपए के बीच है. सरकार की गलत नीतियों की वजह से हर रोज नुकसान उठा रहा हूं. अब मेरी हिम्मत जवाब दे गई है, इसलिए मैं अपनी खड़ी फसल जोत रहा हूं.”

संदीप ने करीब ढ़ाई महीने पहले दो एकड़ में भिंडी की फसल लगाई थी, जिसमें अबतक 50 हजार रुपए की लागत आ चुकी है. संदीप ने फसल को जोतते हुए एक वीडियो भी फेसबुक पर डाला है जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. उनके इस कदम की वजह से फसलों व सब्जियों के वादा व्यापार व खुली खरीद नीति की वजह हो रही किसानों की लुट का पर्दोफाश होता है. सब्जियों की खुली खरीद का विरोध करते हुए संदीप ने बताया, “हमसे तो व्यापारी सब्जियां 3-4 रुपए किलों ले लेते हैं, और फिर स्टोक करके मार्केट में वही सब्जी 40 रुपए किलो बेचते हैं. क्या यह खुली लुट सरकार को नहीं दिखाई देती.”

बीते दिनों करनाल के ही कई किसानों ने खीरे की खड़ी फसल जोतने की भी खबरें सामने आई हैं.