शुक्रवार, 27 जनवरी 2023
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ईद मनाने को लेकर ‘जीशान’ मौत मामले में कोई गिरफ्तारी नहीें, डर के साये में पीड़ित परिवार!



75 साल की दादी मां ने कहा "परिवार में मेरे साथ केवल जीशान ही था. जीशान ही मेरे बुढ़ापे का सहारा था. मैं अब अकेली रह गई हूं. दुनिया में मेरा कोई नहीं रहा,सब खत्म हो गया”      

हरियाणा के यमुनानगर से करीबन 15 किलोमीटर दूर जयधर गांव में पिछले कईं दिनों से धार्मिक विवाद चल रहा है. विवाद के चलते जयधर गांव में भारी पुलिसबल तैनात है. आरएसएस से जुड़े संगठन बजरंग दल के स्थानीय नेताओं ने जयधर गांव के मुस्लिम समुदाय पर बकरीद न मनाने का दबाव बनाया. जयधर में मुसलिम समुदाय ने पुलिस के पहरे में ईद मनाई. इसी तनाव के बीच 24 जुलाई को 18 साल के जीशान ने आत्महत्या कर ली.         

यमुनानगर के जयधर गांव में 21 जुलाई को बकरीद के त्योहार से कुछ दिन पहले ही धार्मिक उन्माद का माहौल बनना शुरू हो गया था. आरएसएस से जुड़े संगठन बजरंग दल द्वारा मुसलिम समुदाय को ईद न मनाने देने की धमकी बाबत गांव के मुस्लिम समुदाय ने जिला प्रशासन को अपनी शिकायत दी थी. शिकायत में बजरंग दल के कुछ लोगों द्वारा ईद न मनाने देने के आरोप लगाए गए. इसके उलट बजरंग दल के स्थानीय नेताओं ने भी गांव में बकरीद न मनाने देने को लेकर पंचायत की. पंचायत के दौरान बकरीद मनाने पर अंजाम भुगतने की धमकी भी दी गई.      

ईद के दिन गांव में भारी पुलिसबल तैनात था. जयधर गांव में मुसलिम समुदाय के लोगों ने भारी पुलिसबल की मौजूदगी में बकरीद मनाई. मामला 21 जुलाई यानी ईद की रात का है. 21 जुलाई की रात गांव के हिंदू परिवारों के मोहल्ले में एक युवक मांस फेंकता हुआ पकड़ा गया. मांस के टुकड़े फेंकने वाला विपिन नाम का युवक पास के ही गांव जयधरी का रहने वाला है. गांववालों ने युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया. जिसे पुलिस ने एक दिन बाद छोड़ दिया. इस मामले में पुलिस ने मुस्लिम पक्ष के ही लोगों पर पकड़े गए युवक के साथ मारपीट करने के आरोप में केस दर्ज कर दिया.

जीशान के ताऊ ने बताया, 24 जुलाई को जीशान जब पास के गांव मलकपुर खादर में दावत के लिए जा रहा था तो रास्ते में उसे बजरंग दल से जुड़े कुछ लड़कों ने घेर लिया. उसके साथ मारपीट की और उसे जान से मारने की धमकी दी. उन्होंने जीशान को आत्महत्या करने पर मजबूर कर दिया. इस घटना से आहत होकर जीशान ने कोई जहरीला पदार्थ खा लिया. जीशान को शहर के जेपी अस्पताल लेकर गए जहां उसकी मौत हो गई.”

18 साल के जीशान के परिवार में केवल दादी और जीशान था. करीबन 75 साल की दादी ने रोते हुए बताया,

“जीशान केवल सात-आठ साल का था जब उसके पिता की मौत हो गई थी. मां, दोनों भाईयों को छोड़कर चली गई थी. कुछ साल पहले जीशान के बड़े भाई की भी नहर में डूबने से मौत हो गई थी. परिवार में मेरे साथ केवल जीशान ही था. जीशान ही मेरा बुढ़ापे का एक सहारा था. मैं अब अकेली रह गई हूं, दुनिया में मेरा कोई नहीं रहा. सब खत्म हो गया”

जीशान का घर, जिसमें वह दादी के साथ रहता था.

तस्वीर में जीशान का कच्चा मकान जिसमें वह अपनी दादी के साथ रहता था. जीशान ने नौवीं तक पढ़ाई की थी उसके बाद वह दर्जी का काम सीख रहा था. घर का गुजारा केवल दादी की बुढ़ापा पेंशन से चल रहा था.

वहीं करीबन 60 साल के बुजुर्ग पड़ोसी ने बताया,

“गांव में अब पहले जैसा माहौल नहीं रहा है. गांव में 5-10 लड़के हैं जो माहौल खराब कर रहे हैं. यह आरएसएस और बजरंग दल से जुड़े हुए लोग हैं जो गांव में एक दूसरे के खिलाफ नफरत का माहौल बनाते हैं. पहले हम सभी गांव में एक-दूसरे के मरने-जीने, ब्याह-शादी सभी तीज-त्योहारों पर आते-जाते थे लेकिन जीशान के जनाजे पर गांव का कोई आदमी नहीं आया.”      

मृतक जीशान के एक और पड़ोसी ने कहा, “बीजेपी के नेता इस तरह का माहोल बनवा रहे हैं. यह लोग नहीं चाहते कि मुस्लमान भी गांव में रहे. बताओ, हमारे दादा-परदादा का जन्म इसी गांव में हुआ. मेरी 45 साल की उम्र हो गई मेरा जन्म यहीं हुआ हमारे गांव में मुस्लिमों के दो सौ से ज्यादा घर हैं. क्या अब हम गांव छोड़ दें.”                     

बजरंग दल के प्रांत सुरक्षा प्रमुख गगन प्रकाश ने कहा “गांव में बकरीद पर पशु करुरता को रोकने के लिए हमने यमुनानगर प्रशासन को ज्ञापन दिया था कि बकरीद न मनाने दी जाए. इसके बाद भी गांव में बकरीद मनाने दी गई जिसके कारण हिंदू समाज में भारी रोष है. साथ ही यहां के एसएचओ लज्जाराम ने भी पंचायत में वादा किया था कि कोई पशु नहीं कटने दिया जाएगा. इसके बावजूद पुलिस की सुरक्षा में बकरीद पर पशु काटे गए.”

बजरंग दल के नेता ने आगे कहा,“हमारे धर्म में भी बली देने की प्रथा है हमारी देवी भी मांस का भक्षण करती हैं अगर पुलिस को बकरीद पर पशु काटे जाने पर कोई दिक्कत नहीं है तो फिर हिंदू भी पशु काटना शुरू कर देंगे.”

मौत से पहले जीशान ने अपने ब्यान में गांव के ही कईं लड़कों का नाम लिया था जिनकी वजह से उसने आत्महत्या की है. जीशान आत्महत्या के मामले में जयधर गांव के ही जोनी, अमित ,हेप्पी, मनीष और अमन नाम के युवकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. एक हफ्ते से जयादा का समय बीत जाने के बाद भी मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई.

यमुनानगर के एसपी कमलदीप गोयल ने कहा, “गांव में ऐसे हालात पैदा हुए इसका हमें दुख है. मामले की शिकायत मिलते ही एफआईआर दर्ज की गई है. घटना के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.”

वहीं मामले को देख रहे छछरौली थाने के एसएचओ लज्जाराम ने कहा, जयधर मामले में 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, गांव का माहौल पूरी तरह से शांतमय है और मामले की तफ्तीश जारी है.”

जयधर गांव का माहौल अब भी तनावभरा है. घटना के बाद से गांव में भारी पुलिसबल की तैनाती है. गांव की गलियों में इक्का-दुक्का लोग ही दिखाई दिए. गांव के चारों ओर पुलिस है. पीड़ित पक्ष के लोगों में इतना डर है कि कैमरे पर कुछ भी बोलने से मना कर दिया.