मध्य प्रदेश: देश के सबसे ‘स्वच्छ’ शहर में दूषित पानी पीने से दस लोगों की मौत!
देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में ख्यात इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से अब तक 10 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों लोग गंभीर रूप से बीमार हैं. अधिकारियों के साथ स्थानीय प्रशासन ने जांच समिति का गठन कर मामले की तह तक जाने की घोषणा की है. स्थानीय अधिकारियों के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, मुख्य पेयजल पाइपलाइन में रिसाव के कारण सीवेज पानी पीने के पानी में मिला, जिससे लोगों को उल्टी-दस्त और डायरिया जैसी गंभीर बीमारी हुई.
कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि पाइपलाइन के ऊपर बिना सुरक्षा टैंक के एक टॉयलेट का निर्माण हुआ था, जिससे सीवेज पानी के मिश्रण का खतरा बढ़ गया.
10 से ज्यादा लोग दूषित पानी के कारण गंभीर बीमारी के बाद अपनी जान खो चुके हैं. कई स्थानीय निवासियों का दावा है कि 8 या इससे अधिक मौतें हुई हैं, लेकिन आधिकारिक पुष्टि अभी जारी है. 1000 से ज्यादा लोग उल्टी-दस्त और डायरिया के लक्षणों के साथ बीमार पड़े हैं, जिनमें से कई को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.
इंदौर नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग सक्रिय रूप से प्रभावित इलाकों में चिकित्सा शिविर और अस्पताल बैड्स उपलब्ध करा रहे हैं और लोगों का इलाज कर रहे हैं. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपये की सहायता राशि देने और प्रभावित लोगों के इलाज के खर्च को सरकार द्वारा वहन करने की घोषणा की है.
इस मामले में सरकार की ओर से तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है जो पूरे मामले की जांच करेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश करेगी. नगर निगम के एक ज़ोनल अधिकारी और सहायक अभियंता को निलंबित किया गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पानी में गंदगी को लेकर कई बार प्रशासन को शिकायतें दी थीं, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं होने के कारण हालत बिगड़ गई.
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