सोमवार, 03 अक्टूबर 2022
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सरकार ने CISF के 3 हजार पद खत्म किये,प्राइवेट कंपनी के गार्ड करेंगे एयरपोर्ट पर सुरक्षा!



सीआईएसएफ के 3 हजार सुरक्षा कर्मियों की जगह सीसीटीवी कैमरा और स्कैनर जैसी स्मार्ट सर्विलांस तकनीक से लैस 1,924 निजी सुरक्षा कर्मियों को लगाया जाएगा.

सरकार ने भारतीय हवाई अड्डों की सुरक्षा को लेकर नया फैसला लिया है. इस फैसले के तहत सरकार ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के 3 हजार सुरक्षा कर्मियों के पदों में कटौती की है. इसके पीछे तर्क दिया गया है कि जिन जगहों पर सीआईएसएफ के 3 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात थे वहां सुरक्षा को लेकर कोई ज्यादा खतरा नहीं है. अब सीआईएसएफ के 3 हजार सुरक्षाकर्मियों की जगह प्राइवेट कंपनियों के गार्ड सुरक्षा का जिम्मा संभालेंगे. वहीं सरकार की ओर से कहा गया है कि प्राइवेट कंपनियों के निजी सुरक्षाकर्मियों को सुरक्षा संबंधी आधुनिक उपकरण मुहैया करवाए जाएंगे.

बता दें कि इसी साल मार्च में देश के गृह मंत्री अमित शाह ने एक “हाइब्रिड सुरक्षा” मॉडल लागू करने की बात कही थी जिसके तहत सीआईएसएफ की ओर से निजी सुरक्षा एजेंसियों को प्रशिक्षित किये जाने की बात सामने आई थी ताकि निजी कंपनियों के सुरक्षाकर्मी देश की औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा का काम संभाल सकें.

अंग्रेजी अखबरा द ट्रिब्यून में छपी रिपोर्ट के अनुसार सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि केंद्रीय नागरिक उड्डयन और गृह मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से शुरू की गई योजना अब 50 नागरिक हवाई अड्डों पर लागू की जा रही है. इसी योजना के तहत सीआईएसएफ के 3,049 सिक्योरिटी पोस्ट खत्म किये जा रहे हैं. सीआईएसएफ के 3 हजार सुरक्षा कर्मियों की जगह सीसीटीवी कैमरा और स्कैनर जैसी स्मार्ट सर्विलांस तकनीक से लैस 1,924 निजी सुरक्षा कर्मियों को लगाया जाएगा.

इसके पीछे सरकार का तर्क है कि ऐसा करने से हवाई अड्डा ऑपरेटरों के लिए विमानन सुरक्षा खर्च कम हो जाएगा और साथ ही कहा गया है कि गैर-संवेदनशील कामों के लिए सीआईएसएफ कर्मियों की आवश्यकता नहीं है और इसे निजी सुरक्षा गार्ड द्वारा किया जा सकता है. इसके अलावा, हवाईअड्डा टर्मिनल के भीतर कुछ एरिया को सीसीटीवी कैमरों की मदद से कवर किया जा सकता है. सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि निजी सुरक्षा कर्मियों को दिल्ली, मुंबई और अन्य हवाई अड्डों पर गैर-संवेदनशील कार्यों के लिए तैनात किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि सीआईएसएफ प्रवेश के समय यात्रियों की जानकारी की जांच, यात्रियों की तलाशी, तोड़फोड़ विरोधी अभ्यास, सेकेंडरी लैडर प्वाइंट जांच और शहर और हवाई क्षेत्र के हवाई अड्डों को एक समग्र आतंकवाद विरोधी कवर प्रदान करने के अपने मुख्य कार्य को जारी रखेगा.

बता दें कि देश के कईं हवाई अड्डों का संचालन पहले से ही निजी कंपनियां कर रही हैं. अडानी समूह देश के पांच हवाई अड्डों का संचालन कर रहा है. जिसमें लखनऊ, मुम्बई, अहमदाबाद, मंगलूरु और जयपुर के हवाई अड्डे शामिल हैं यात्री सुविधा से लेकर सभी प्रकार की व्यवसायिक गतिविधियों का संचालन अडानी ग्रूप के हाथ में है.