सोमवार, 03 अक्टूबर 2022
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चौधरी चरण सिंह के बारे में झूठी कहानियां फैलाकर मुस्लिमों के प्रति जहर भरने के प्रोजेक्ट का पर्दाफाश!



पोस्ट में 1967 की यूपी विधानसभा में मुस्लिम विधायकों की संख्या दो बताई गई है. फैक्ट चेक करने पर चुनाव आयोग की वेबसाइट से पता चला कि 1967 में उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुस्लिम विधायकों की संख्यां दो नहीं 20 थी. सबसे दिलचस्प बात है कि पोस्ट में जिस कमाल युसुफ नाम के विधायक का जिक्र किया गया है इस नाम से 1967 की यूपी विधानसभा में कोई विधायक नहीं था. इस तरह आर्य निर्मात्री सभा के फेसबुक पेज की पोस्ट पहली दो लाइनों के फैक्ट चेक के दौरान ही झूठी पाई गई.

7 जुलाई को ‘आर्य निर्मात्री सभा’ नाम के फेसबुक पेज से पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को लेकर एक पोस्ट की गई. फेसबुक पोस्ट में चौधरी चरण सिंह द्वारा कमाल युसुफ नाम के विधायक के साथ मुस्लिम समाज के प्रति कड़वाहट भरे संवाद का जिक्र किया गया है. पोस्ट में दावा किया गया है कि उत्तर प्रदेश की 1967 की विधानसभा में केवल दो मुस्लिम विधायक थे, जिनमें से एक कमाल युसुफ नाम के मुस्लिम विधायक को चौधरी चरण सिंह ने फटकार लगाई और मुस्लिम समाज को कायर कहते हुए कहा कि “मैं तुम्हारी एक भी मांग मानने वाला नहीं हूं जो तुम्हें करना हो कर लेना, मैं देखना चाहता हूं तुम कितने बहादुर हो?

पोस्ट के अनुसार मुस्लिम विधायक कमाल युसुफ ने चौ.चरण सिंह से सवाल किया कि,“चौधरी साहब आप केवल हिंदुओं की वोटों से ही मुख्यमंत्री नहीं बने हो, हमने भी आपको वोट दिया हैं, अब हमारी कुछ मांग हैं वह आपको माननी पड़ेंगी.

पोस्ट के अनुसार मुस्लिम विधायक के सवाल का जवाब देते हुए चौधरी साहब ने कहा,“यदि मैं तुम्हारी मांग न मानूं तो क्या करोगे.” चौधरी चरण सिंह के सवाल के जवाब में मुस्लिम विधायक ने कहा “मुस्लमान जन्मजात लड़ाकू और बहादुर होता है यदि तुम हमारी मांग स्वीकार नहीं करोगे तो हम लड़कर अपनी मांगें मनवायेंगे.”

आर्य निर्मात्री सभा के फेसबुक पोस्ट के अनुसार चौ.चरण सिंह ने मुस्लिम विधायक को जवाब में कहा “नीचे बैठ जा वरना जितना ऊपर खड़ा है उतना ही तुझे जमीन में उतार दूंगा! तुम बहादुर कब से हो गए? मुसलमान बहादुर बिल्कुल नहीं होता, एक नंबर का कायर होता है. तुम यदि बहादुर होते तो मुसलमान बनते ही क्यों, यह जितने भी हिंदुओं से मुसलमान बने हैं यह तलवार के बल पर बने हैं. जो तलवार की नोक को देखकर ही अपने धर्म को छोड़ सकता है और विधर्मी बन सकता है वह बहादुर कैसे हो सकता है?

बहादुर तो हम हैं. हमारे पूर्वजों ने 700 साल तक मुसलमानों के साथ तलवार बजाई है. लाखों ने अपना बलिदान दिया है. लेकिन मुसलमान नहीं बने, तो बहादुर हम हुए या तुम हुए. तलवार को देखते ही धर्म छोड़ बैठे, आज तुम बहादुर हो. तुम्हें तो अपने आप को कायर कहना चाहिए, और जो भी हिंदुओं से बना हुआ मुसलमान है, वह पक्का कायर है क्योंकि तुमने इस्लाम को स्वीकार किया था और मैं तुम्हारी एक भी मांग मानने वाला नहीं हूं जो तुम्हें करना हो कर लेना, मैं देखना चाहता हूं तुम कितने बहादुर हो.”

आगे लिखा गया कि उनकी प्रेरणा से अनेक मुसलमान भाइयों ने खुद पर जबरदस्ती थोपा गया इस्लाम मजहब छोड़कर वापस हिंदू धर्म अपना लिया था. धन्य हैं ऐसे आर्य समाजी मुख्यमंत्री! आर्य निर्मात्री सभा के नाम से चल रहे इस फेसबुक पेज के एक लाख से ज्यादा फॉलोंवर्स हैं. स्टोरी लिखे जाने तक चौधरी चरण सिंह से जुड़ी इस पोस्ट को पांच सौ से ज्यादा बार शेयर किया जा चुका है. इसके अलावा इस पोस्ट को आरएसएस, यती नर्सिंगानंद सरस्वती जैसे कई दक्षिणपंथी पेजों पर शेयर किया गया है.

पोस्ट में 1967 की उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुस्लिम विधायकों की संख्या दो बताई गई है. फैक्ट चेक करने पर यह जानकारी गलत साबित हुई. इसकी जांच के लिये हम चुनाव आयोग की वेबसाइट पर गए. चुनाव आयोग की वेबसाइट खोजने पर पता चला कि 1967 में उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुस्लिम विधायकों की संख्यां दो नहीं 20 थी. जिनमें से कांग्रेस के 14, स्वतंत्र पार्टी के 3, लेफ्ट, एसएसपी और रिपब्लिक पार्टी से एक-एक विधायक शामिल थें. सबसे दिलचस्प बात यह है कि जिस कमाल युसुफ नाम के विधायक का जिक्र किया गया है, इस नाम से 1967 की उत्तर प्रदेश की विधानसभा में कोई विधायक नहीं था. इस तरह आर्य निर्मात्री सभा के फेसबुक पेज की पोस्ट पहली दो लाइनों के फैक्ट चेक के दौरान ही झूठी पाई गई.

आगे ज्यादा पड़ताल के लिए हमने चौधरी चरण सिंह के काम और जीवन पर किताब लिखने वाले लेखक हर्ष सिंह लोहित से बात की. उन्होंने हमें बताया,

“पहली बात तो यह है कि चौधरी साहब इतने कठोर और हिंसक शब्दों का प्रयोग कर ही नहीं सकते थे. दूसरा किसी भी लिखी गई बात का कुछ सोर्स होता है, अगर लिखने वाला ऐसा सोर्स उपलब्ध कराए तो सोचा जा सकता है. लेकिन यह सरासर झूठ फैलाने की एक साजिश हैं. हर्ष सिंह लोहित ने बताया कि चौधरी साहब के राजनीति सफर को देखें तो हम पाएंगे कि उनके करीबी नेताओं में बहुत से नेता मुस्लिम समाज से भी रहे हैं. यह बनाया गया झूठा पोस्ट है, मुझे लगता है चुनाव पास आ रहें हैं और कईं ताकतें हिंदू-मुस्लिम घृणा बढ़ाना चाहती हैं”

हर्ष सिंह लोहित, चौ.चरण सिंह पर किताब लिखने वाले लेखक

इस मामले में हमने चौधरी चरणसिंह के परिवार से भी बात की. राष्ट्रीय लोकदल पार्टी के अध्यक्ष और चौधरी साहब की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे जयंत चौधरी ने गांव सेवेरा को बताया,

“चौधरी चरण सिंह जी हमेशा हिंदू-मुस्लिम भाईचारे के हक में रहे. चौधरी साहब मुस्लिम समाज के बारे में इस तरह की बयानबाजी के बारे में सोच भी नहीं सकते थे. उन्होंने इस समाज की भलाई के लिए अल्पसंख्यक आयोग की स्थापना की. चौधरी साहब को लेकर इस तरह का भ्रामक प्रचार करके संघ और उनसे जुड़े हुए लोग उत्तर प्रदेश में आपसी भाईचारे को तोड़ना चाहते हैं, लेकिन जनता के बीच इन लोगों के मनसूबे कामयाब नहीं होंगे.”

जयंत चौधरी, राष्ट्रीय अध्यक्ष, आरएलडी

आर्य निर्मात्री सभा का पक्ष जानने के लिए आर्य निर्मात्री सभा के राष्ट्रीय महासचिव महेश आर्य से बात कि तो उन्होंने बताया “इस नाम के फेसबुक पेज को हमारे लोग ही देखते हैं और मैनें अभी इस तरह की पोस्ट नहीं पढ़ी है. देखना होगा की पेज पर यह जानकारी किसने डाली है.” वहीं पेज पर दी गई ई-मेल पर पक्ष जानने और घटना का सोर्स जानने के लिए मेल किया गया है जिसका अब तक कोई जवाब नहीं मिला है.

Reference

https://eci.gov.in/files/file/3246-uttar-pradesh-1967/