शनिवार, 04 फ़रवरी 2023
टॉप न्यूज़

करनाल: जातीय दंभ के चलते दलित परिवार पर चढ़ाई गाड़ी, दो सदस्यों की मौत, तीन घायल!


आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर प्रदर्शन करते वाल्मीकि समुदाय के लोग

मृतक सुभाष के बेटे साहिल ने बताया, “घटना को लेकर पुलिस का ढीला रवैया है. दोनों बाप-बेटा फरार हैं. 36 घंटे से ज्यादा बीत चुके हैं लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई.”

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के विधानसभा क्षेत्र और सीएम सीटी करनाल से महज 15 किलोमीटर दूर नीलोखेड़ी के बुटाना गांव में जातीय दंभ के चलते एक सिरफिरे युवक ने दलित परिवार पर गाड़ी चढ़ा दी. जिसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और तीन लोग गंभीर रुप से घायल हैं. मृतकों में एक महिला और एक पुरूष शामिल हैं.

परिवार के ही एक सदस्य ने बताया, “दो दिन पहले ही परिवार में शादी समारोह था. घर में सारे रिश्तेदार जुड़े हुए थे. यह सोची समझी साजिश के तहत किया गया है. रोड़ बिरादरी से आने वाला अमन नाम का लड़का हमारे घर के सामने से हर रोज तेज स्पीड में गाड़ी लेकर जाता था. इसकी शिकायत उसके पिता से की जिसके बाद अमन और उसका पिता बलविंद्र वापस गाड़ी के साथ घर के बाहर आए और कहासुनी के बाद घर के सामने खड़े परिवार के लोगों पर गाड़ी चढ़ा दी. 

पीड़ित परिवार के सदस्य ने आगे बताया, “उन्होंने इस बीच जातिसूचक शब्द प्रयोग करते हुए कहा कि ये क्या कर लेंगे और उसके बाद पिता की शह पर बेटे ने इस घटना को अंजाम दे दिया.” वहीं परिवार की एक युवती ने बताया, “हमारे साथ रंजिश के तहत किया गया है क्योंकि वो खुद को ऊंची जाति का मानते हैं और हम एससी समुदाय से हैं. हमें नीचा दिखाने के लिए आए दिन इस तरह की हरकतें की जाती हैं लेकिन आज तो हद ही हो गई. हमारे परिवार के दो लोगों की जान ले ली.”

मृतक सुभाष के बेटे साहिल ने बताया,“घटना को लेकर पुलिस का ढीला रवैया है. दोनों बाप-बेटा फरार हैं. 36 घंटे से ज्यादा का वक्त बीत चुका है लेकिन अब तक दोनों में से किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है.” साथ ही पीड़ित परिवार के लोगों ने आरोप लगाया कि विदेश में बैठा मुख्योरापी अमन का भाई और रिस्तेदार मामले को न बढ़ाने की धमकी दे रहे हैं. 

घटना की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी कंवर सिहं ने बताया, “घटना के मुख्यारोपी अमन और पिता बलविंद्र के खिलाफ 302 का मुकदमा दर्ज किया गया है. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीम बनाई गई हैं जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.”            

36 घंटे बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई. वहीं पीड़ित परिवार और वाल्मीकि समुदाय के लोगों ने आरोपियों की जल्द-से-जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए करनाल में धरना दिया. परिवार ने कहा जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी तब तक अंतिम संस्कार नहीं करेंगे.