बुधवार, 28 सितम्बर 2022
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लखीमपुर: ‘कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट’ ने की पत्रकार रमन कश्यप की हत्या की जांच की मांग!



“एक पत्रकार की इस तरह से जनहित से जुड़े मुद्दों को कवर करते हुए मौत नहीं होनी चाहिए. साथ ही प्रशासन को फिल्ड में काम कर रहे पत्रकारों की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए.”

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में 3 अक्तूबर को हुई घटना में स्वतंत्र पत्रकार रमन कश्यप की मौत से पत्रकार बिरादरी में गहरा शोक है. पत्रकारों के लिए काम करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था ‘कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट’ ने पत्रकार रमन कश्यप की हत्या की जांच की मांग की है. संस्था ने अपने बयान में कहा, “उत्तर प्रदेश सरकार को पत्रकार रमन कश्यप की हत्या की जांच करनी चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए.”   

कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट (सीपीजे) के एशिया कोऑर्डिनेटर स्टीवन बटलर ने कहा, “उत्तर प्रदेश सरकार को इसकी जांच करनी चाहिए और जांच को सार्वजनिक किया जाना चाहिए. पत्रकार रमन कश्यम की हत्या के दोषियों को सजा मिलनी चाहिए.” उन्होंने कहा, “एक पत्रकार की इस तरह से जनहित से जुड़े मुद्दों को कवर करते हुए मौत नहीं होनी चाहिए. साथ ही प्रशासन को फिल्ड में काम कर रहे पत्रकारों की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए.” 

‘कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट’ एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है जो पूरी दुनिया में पत्रकारों पर होने वाले हमलों और उनकी सुरक्षा को लेकर काम करती है.

पत्रकार रमन कश्यप का शव भी लखीमपुर में घटना स्थल से ही मिला था जिसके बाद शव को शहर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया. रमन के परिवार को रमन की मौत की खबर बहुत देरी से मिली. जब वह घर नहीं लौटा तो परिजनों ने पत्रकार रमन कश्यप को ढूंढना शुरू किया. बाद में परिजनों को किसी ने फोन कर जानकारी दी कि एक बार अस्पताल आकर देख लें. परिजन अस्पताल पहुंचकर देखा तो वह रमन का ही शव था.

गांव-सवेरा ने मृतक पत्रकार रमन कश्यप के पिता से बात की

गांव-सवेरा से बात करते हुए रमन के पिता ने कहा, “रमन की हत्या करने वाले दोषियों को सजा मिलनी चाहिए और हमें न्याय मिलना चाहिए.” वहीं प्रशासन की ओर से पत्रकार के परिवार को आर्थिक मदद देने की बात कही गई है.