सोमवार, 03 अक्टूबर 2022
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वाल्मीकि जयंती की छुट्टी पर भी सफाईकर्मियों से करवाया जा रहा काम!



आज देश भर में महर्षि वाल्मीकि जयंती मनाई जा रही है. वहीं दूसपी ओर इस अवसर पर भी महर्षि वाल्मीकि को मानने वाले और वाल्मीकि समुदाय से आने वाले सफाईकर्मियों से सफाई का काम करवाया जा रहा है. वाल्मीकि जयंती पर पूरे देश में केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से छुट्टी घोेषित है. केंद्र और राज्य सरकार के सभी कर्मचारी आज छुट्टी मना रहे हैं लेकिन हरियाणा के कैथल में सफाईकर्मियों से काम करवाया जा रहा है.

ये तस्वीरें हरियाणा के कैथल शहर की हैं जहां पर सफाई कर्मचारी वाल्मीकि जयंती पर भी सफाई करते दिखाई दिये. दरअसल सफाई विभाग में अधिकतर सफाईकर्मियों से ठेकेदारी प्रथा के तहत काम लिया जाता है. नियमित सफाईकर्मी न होने के चलते इन लोगों को छुट्टी के दिन भी काम करने के लिए मजबूर किया जाता हैं.

सामाजिक कार्यकर्ता कीर्ति ने गांव-सवेरा को फोन पर बताया, “इन लोगों से कैथल में न्यू 14 रोड से जींद रोड तक सफाई करवाई जा रही है. ये लोग सुबह 8 बजे से सफाई करने में लगे हैं और दस बजे तक सफाई करेंगे इसके बाद शाम को भी इन लोगों को सफाई करने के लिए बुलाया गया है.”

वाल्मीकि जयंती की छुट्टी के दिन काम करते सफाईकर्मी

सफाई कर्मचारी संघ कैथल के अध्यक्ष शिव चरण ने बताया,”ये सफाईकर्मी पे-रोल पर काम करते हैं जो सीधे सफाई विभाग के अंतर्गत आते हैं. विभाग ने इन कर्मियों के लिए केवल 20 छुट्टियां तय कर रखी हैं जिसमें दस मेडिकल और दस सामान्य छुट्टियां दी गई हैं. ठेकेदारी प्रथा खत्म हो, सफाईकर्मियों का शोषण बंद हो और सबको समान वेतन मिले इसके लिए हम लोग लगातर संघर्ष कर रहे हैं.”

वहीं सफाई विभाग में पे-रोल पर घर-घर जाकर कूड़ा उठाने का काम करने वाली वालीं एक महिला सफाईकर्मी ने बताया, “हमें छुट्टी की कोई जानकारी नहीं दी गई. आज केवल पक्के सफाईकर्मियों की छुट्टी है. मैंने आज भी घर-घर जाकर कूड़ा उठाने का काम किया है.”

वहीं जब इस मामले में पे-रोल पर काम करने वाले सफाईकर्मियों के निरीक्षक प्रदीप शर्मा से बात की तो उसने कहा, “ये लोग अपनी मर्जी से काम कर रहे हैं”. जब सवाल किया गया कि छुट्टी के दिन अपनी मर्जी से काम कौन करता है तो प्रदीप शर्मा ने फोन काट दिया.

एक और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, महर्षि वाल्मीकि जयंती की बधाई दे रहे हैं वहीं दूसरी ओर उसी समाज से आने वाले सफाईकर्मियों को इतनी भी रहात नहीं दी जा रही है कि कम-से-कम छुट्टी के दिन इन लोगों से काम न लिया जाए.