सोमवार, 03 अक्टूबर 2022
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अधर में लटका आरोही मॉडल स्कूल के स्टाफ का भविष्य, सरकार ने जारी किया रेगुलर न करने का फरमान!



आरोही मॉडल स्कूल में पढ़ाने वाले स्टाफ को पांच साल की नौकरी के बाद पक्का करने का वादा किया गया था. लेकिन सरकार के नये फरमान के बाद अंग्रेजी माध्यम के आरोही स्कूलों में न तो स्थाई नियुक्तियां होगीं और न ही स्थाई कर्मचारियों के समान वेतनमान दिया जाएगा.

हरियाणा सरकार की ओर से आरोही स्कूलों के स्टाफ को बड़ा झटका लगा है. हरियाणा सरकार के शिक्षा विभाग ने नोटिस जारी कर प्रदेश के 36 आरोही स्कूलों के टीचर समेत अन्य स्टाफ को पक्का करने से इनकार कर दिया है. हरियाणा सरकार ने ‘आरोही एजुकेशनली बैकवर्ड ब्लाक मॉडल स्कूल सोसायटी सर्विस बायलाज-2019’ के तहत सेवा नियमों में बदलाव कर यह फैसला लिया है.

सरकार की ओर से बैकवर्ड ब्लाक मॉडल स्कूल में पढ़ाने वाले स्टाफ को पांच साल की नौकरी के बाद पक्का करने का वादा किया गया था. लेकिन सरकार के नये फरमान के अनुसार अंग्रेजी माध्यम के आरोही स्कूलों में न तो स्थाई नियुक्ति होगीं और न ही स्थाई कर्मचारियों के समान वेतनमान दिया जाएगा. यानी सरकार के नये ड्राफ्ट के तहत आरोही स्कूलों में कॉन्ट्रैक्ट पर ही भर्तियां की जाएंगी. सरकार ने सीधे तौर पर इन कर्मचारियों को पक्का करने से साफ इनकार कर दिया है.

कॉन्ट्रैक्ट पर रखने के लिए भी बनाए नए नियम:

आरोही स्कूलों में कॉन्ट्रैक्ट जारी रखने के लिए भी सरकार ने मानक तय कर दिए हैं. कॉन्ट्रैक्ट जारी रखने के लिए अध्यापकों को 100 में से न्यूनतम 50 अंक लेने अनिवार्य कर दिए हैं. मानकों के अऩुसार हर साल 100 अंकों में से 40 से कम अंक लेने वाले कर्मचारियों का कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया जाएगा. 40 से 49  के बीच अंक प्राप्त करने वालों को नोटिस जारी किए जाएंगे. यानी कॉन्ट्रैक्ट जारी रखने के लिए कम-से-कम 50 अंक लेने अनिवार्य हैं.  

क्या है आरोही स्कूल योजना:

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 15 अगस्त, 2007 में लाल किले की प्राचीर से भाषण देते हुए देशभर में अंग्रेजी माध्यम के 6 हजार स्कूल चलाने की योजना की घोषणा की थी. ये सभी स्कूल शैक्षणिक तौर पर पिछड़े इलाकों में बनाए जाने हैं. योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर इन स्कूलों को चलाना है. छठी से बारहवी तक के इन स्कूलों का लक्ष्य देश के पिछड़े इलाकों में बच्चों का सर्वांगीण विकास कर शिक्षा के स्तर को बढ़ाना है.

हरियाणा में आरोही स्कूल:

हरियाणा में दस जिलों के शैक्षणिक तौर पर पिछड़े ब्लॉक्स में 36 आरोही स्कूल चल रहे हैं. जिनमें सिरसा और हिसार में 6-6, मेवात और फतेहाबाद में 5-5, पलवल में 4, जींद और कैथल में 3-3, भिवानी में 2, महेंद्रगढ़ और पानीपत में एक-एक आरोही स्कूल हैं. 

हरियाणा विधानसभा नें भी उठा आरोही स्कूल का मुद्दा:

18 मार्च, 2021 को हरियाणा विधानसभा में विपक्ष की ओर से कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने सवाल उठाया, “कांग्रेस सरकार में बनाए गए 36 आरोही मॉडल स्कूलों में मौजूदा सरकार की तरफ से कोई बढ़ोतरी नहीं की गई. सरकार इन स्कूलों पर ध्यान क्यों नहीं दे रही है.”

वहीं कांग्रेस विधायक धर्मपाल मलिक ने भी आरोही स्कूलों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा,

“2250 सेंक्सन पोस्ट को घटाकर 350 कर दिया गया है. टीचिंग स्टाफ के लोग पक्के न होने के डर से नौकरी छोड़कर दूसरी नौकरियों में जा रहे हैं. इससे आने वाले समय में इन स्कूलों के रिजल्ट पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है.”

वहीं आरोही मॉडल स्कूल एसोसिएशन के अध्य़क्ष सत्येंद्र बनवाना ने गांव-सवेरा को बताया,

“हमने शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों के सामने इस संबंध में अपनी बात रखी है. हमें आश्वासन दिया गया है कि एक महीने के भीतर हमारी समस्या का हल कर दिया जाएगा साथ ही जो नोटिस जारी किया गया है वह भी वापस ले लिया जाएगा.”