भाजपा के घोषणापत्र में किसानों के लिए क्या है?

पिछले दिनों केंद्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया। पार्टी इसे संकल्प पत्र कहती है। इस घोषणा-पत्र में हर क्षेत्र के लिए बड़े-बड़े वादे किए गए हैं। आम तौर पर हर पार्टी चुनावों के पहले बड़ी घोषणाएं करती है। भाजपा भी इसका अपवाद नहीं है।

भाजपा के संकल्प पत्र में किसानों के लिए भी बड़ी-बड़ी घोषणाएं की गई हैं। इसमें सबसे पहले तो यही कहा गया है कि नरेंद्र मोदी सरकार ने 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने का जो लक्ष्य रखा है उसे पूरा करने के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे।

चुनावों से ठीक पहले मोदी सरकार ने दो हेक्टेयर तक जमीन वाले किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की थी. इसके तहत हर परिवार को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलनी है. भाजपा ने अपने घोषणापत्र में वादा किया है कि जीतने के बाद वह इस योजना का दायरा बढ़ाकर इसे देश के सभी किसानों के लिए लागू करेगी।

भाजपा ने यह घोषणा भी की है कि वह छोटे और सीमांत किसानों के लिए पेंशन की योजना लाएगी जिससे उनकी सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। कृषि क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ाने के मकसद से भाजपा ने इस क्षेत्र में 25 लाख करोड़ रुपये के निवेश का वादा भी किया है।

भाजपा के घोषणापत्र में किसानों के लिए एक बड़ा वादा यह है कि एक से पांच साल तक के लिए किसानों को एक लाख रुपये की अधिकतम सीमा वाले किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए जाएंगे। कृषि निर्यात को बढ़ावा देने और कृषि आयात को कम करने के लिए जरूरी नीतियां बनाने की बात भी भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में की है।

भाजपा ने घोषणापत्र में किसानों से यह वादा भी किया है कि वह यह सुनिश्चित करेगी कि किफायती दरों पर बेहतर बीज किसानों को समय पर उपलब्ध हो सकें और घर के पास ही उनकी जांच की सुविधा उपलब्ध हो। तिलहन के मामले में आत्मनिर्भरता हासिल करने के मकसद से भाजपा ने नए तिलहन मिशन की शुरुआत करने का वादा भी किया है।

इसके अलावा भाजपा ने पूरे देश में कृषि भंडारण की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए यह वादा किया है कि वह पूरे देश में वेयरहाउस का नेटवर्क विकसित करेगी। भाजपा ने इस संदर्भ में अपने संकल्प पत्र में कहा है, ‘किसानों को अपनी उपज का भंडारण अपने गांव के निकट करने तथा उचित समय पर उसे लाभकारी मूल्य पर बेचने के लिए सक्षम करने के उद्देश्य से हम कृषि उत्पादों के लिए नई ग्राम भंडारण योजना आरंभ करेंगे। हम कृषि उत्पादों की भंडारण रसीद के आधार पर किसानों को सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराएंगे।’

भाजपा ने संकल्प पत्र में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए भी कई कदम उठाने का वादा अपने घोषणापत्र में किया है। भाजपा ने वादा किया है कि अगले पांच सालों में वह पहाड़ी, आदिवासी एवं वर्षा सिंचिंत क्षेत्रा में 20 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त जमीन पर रसायन मुक्त जैविक खेती को प्रोत्साहित करेगी।

भाजपा ने अपतने घोषणापत्र में राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन शुरू करने की बात भी कही है। साथ ही सिंचाई का मिशन मोड पर विस्तार करने का वादा भी भाजपा ने किया है। सहकारी संस्थाओं के प्रोत्साहन के साथ-साथ कृषि और प्रौद्योगिकी का मेल कराने की बात भी भाजपा ने अपने घोषणापत्र में की है।

भूमि रिकाॅर्ड का डिजिटलीकरण के साथ पशुपालन और मछली पालन के लिए भी कुछ वादे भाजपा ने अपने घोषणापत्र में किए हैं। लेकिन इन घोषणाओं को कैसे जमीनी स्तर पर लागू किया जाएगा, इस सवाल पर कोई संतोषजनक जवाब भाजपा घोषणापत्र जारी करते हुए पार्टी के शीर्ष नेताओं ने नहीं दिया।

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