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  • वेटनरी कॉलेज खोलना होगा आसान, एक्‍ट में संशोधन की तैयारी 

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    नई दिल्‍ली। देश में पशु चिकित्‍सकों कमी को दूर करने के लिए केंद्र सरकार वेटनरी कॉलेज खोलने की राह आसान बनाने जा रही है। नए काॅलेज खाेलने के‍ लिए जमीन जैसे मानदंडों में छूट दी जाएगी। इसके लिए तीन दशक से ज्‍यादा पुराने भारतीय पशु चिकित्‍सा परिषद अधिनियम में संशोधन होगा। इस समय देश में पशु चिकित्‍सों की काफी कमी है और विश्‍व में मवेशियों की स
    र्वाधिक आबादी होने के बावजूद पूरे भारत में सिर्फ 52 वेटनरी कॉलेज हैं। इनमें से भी 16 कॉलेज पिछले दो साल में खुले हैं।

    कृषि एवं किसान कल्‍याण राज्‍य मंत्री डॉ. संजीव कुमार बालियान ने मंगलवार को ऑल इंडिया प्री-वेटेेनरी टेस्‍ट (एआईपीवीटी)- 2016 के परिणामों की घोषणा करते हुए बताया कि भारतीय पशुचिकित्‍सा परिषद अधिनियम, 1984 में संशोधन का प्रस्‍ताव रखा गया है ताकि नए काॅलेज खोलने की प्रक्रिया को सरल बनाया जा सके। बालियान का मानना है कि देश में पशु चिकित्‍सकों की कमी को दूर करने के लिए सरकारी और प्राईवेट कॉलेजों की संख्‍या बढ़ानी जरूरी है।

    जमीन सहित कई मानकों में मिलेगी छूट 

    फिलहाल वेटनरी कॉलेज खोलने के लिए संस्‍थान के पास 45 एकड़ कृषि भूमि होनी जरूरी है। संजीव बालियान का कहना है कि आजकल शहरों में इतनी जमीन मिलना मुश्किल है। इतने सख्‍त मानदंडों के चलते निजी क्षेत्र के लोग वेटनरी कॉलेज खोलने के लिए आगे नहीं आ पाते हैं। उम्‍मीद है कि आईवीसी एक्‍ट में संशोधन के बाद नए कॉलेज खोलने की राह आसान हो जाएगी।

    दो साल में खुले 16 नए कॉलेज

    वर्ष 2014 तक देश में कुल 36 वेटनरी कॉलेज थे। जबकि पिछले दो वर्षो के दौरान 16 नए वेटनरी कॉलेज खोले गए हैं। इनमें निजी क्षेत्र के दो और 14 सरकारी कॉलेज हैं। पिछले दो साल में वेटनरी कॉलेजों में सीटों की संख्‍या 2311 से बढ़ाकर 3427 कर दी गई है।