पंजाब: MSP में देरी और शुगर मिलों के बंद रहने के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन तेज, 21 नवंबर तक अल्टीमेटम!

पंजाब के माझा और दोआबा क्षेत्रों के गन्ना किसानों ने जालंधर सहित कई जिलों में डीसी कार्यालयों के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार ने अब तक चीनी मिलों को शुरू करने, गन्ने का MSP घोषित करने और शुगरकेन बोर्ड का पुनर्गठन करने जैसे अहम मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है.

किसान संगठनों का कहना है कि शुगरकेन बोर्ड का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो चुका है, लेकिन अभी तक उसका पुनर्गठन नहीं किया गया है. इसके चलते MSP से संबंधित फैसलें अटके हुए हैं. किसानों ने गन्ने का मूल्य ₹500 प्रति क्विंटल तय करने की मांग दोहराई.

किसानों का आरोप है कि राज्य की विभिन्न शुगर मिलों पर करीब ₹400 करोड़ का बकाया भुगतान अटका हुआ है, जिससे गन्ना उत्पादक किसान आर्थिक संकट में हैं. वहीं कई जिलों में चीनी मिलें अभी तक चालू नहीं हुई हैं, जबकि गन्ने की फसल कट चुकी है और किसानों को बिक्री का इंतजार है.

किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने 21 नवंबर तक MSP की घोषणा, बोर्ड के गठन और मिलों को चालू करने के संबंध में स्पष्ट आदेश जारी नहीं किए, तो वे राज्यभर में नेशनल हाईवे और रेलवे ट्रैक जाम करने की योजना पर आगे बढ़ेंगे. उनका कहना है कि यह आंदोलन फिलहाल शांतिपूर्वक चल रहा है, लेकिन सरकार का रवैया नहीं बदला तो संघर्ष तेज किया जाएगा.

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