पंजाब: सीएम की गैरमौजूदगी में हेलीकॉप्टर के इस्तेमाल पर सवाल उठाना पड़ा महंगा, 10 लोगों पर FIR!

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की गैरमौजूदगी में उनके आधिकारिक हेलीकॉप्टर के कथित इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाने वाले 10 लोगों के खिलाफ पंजाब पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है. इनमें एक आरटीआई कार्यकर्ता और कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शामिल हैं. यह मामला अब राज्य की राजनीति और अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर बहस का विषय बन गया है.

लुधियाना की साइबर क्राइम पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि इन लोगों ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर से जुड़े फ्लाइट डेटा को गलत और भ्रामक तरीके से प्रस्तुत किया, जिससे जनता में भ्रम फैल सकता था. पुलिस का कहना है कि यह जानकारी तथ्यों की पुष्टि किए बिना साझा की गई.

दरअसल, मुख्यमंत्री भगवंत मान हाल ही में विदेश दौरे पर थे. इसी दौरान सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट सामने आईं, जिनमें दावा किया गया कि मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में भी उनके आधिकारिक हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया गया. इसके बाद यह सवाल उठाया गया कि आखिर उस दौरान हेलीकॉप्टर का उपयोग किसने और किस उद्देश्य से किया.

एफआईआर में आरटीआई कार्यकर्ता मणिक गोयल समेत कुल 10 लोगों के नाम दर्ज हैं. इनमें कुछ यूट्यूब चैनल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़े लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं.

पुलिस का कहना है कि जिन आंकड़ों के आधार पर सवाल उठाए गए, वे फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा की गलत व्याख्या पर आधारित थे. पुलिस के अनुसार, हेलीकॉप्टर का उपयोग पूरी तरह वैध था और किसी संवैधानिक पदाधिकारी द्वारा किया गया था. मामले में आईटी एक्ट और अन्य धाराओं के तहत जांच की जा रही है.

आरोपियों का कहना है कि उन्होंने केवल सार्वजनिक संसाधनों के उपयोग को लेकर सवाल उठाए थे और यह कार्रवाई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने की कोशिश है.य वहीं, विपक्षी दलों ने भी एफआईआर को “डराने-धमकाने की कार्रवाई” करार देते हुए सरकार पर आलोचना की है.

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *